किताबें हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा होती हैं। इस खास सेक्शन में आप पढ़ सकेंगे विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों की समीक्षाएं। साथ ही इसमें शामिल रहेंगे भारतीय जनमानस से जुड़े किस्से और कहानियां।

मैत्रेयी पुष्पा की आत्मकथा का दूसरा खंड- गुडिया भीतर गुडिया- प्रकाशित हुआ।

मैत्रेयी पुष्पा की आत्मकथा का दूसरा खंड- गुडिया भीतर गुडिया- प्रकाशित हुआ।

बुड्ढा अस्पताल में बुला रहा!

सन् 2002 में जब चर्चित उपन्यासकार मैत्रेयी पुष्पा की आत्मकथा का पहला खंड छपा था तो उसके शुरू में लेखिका की टिप्पणी थी - इसे उपन्यास कहूं या आपबीती......? तब इस बात को लेकर खासा विवाद हुआ था कि ये आत्मकथा है उपन्यास। लेकिन ये विवादज करने वालों ने शायद ये ध्यान नहीं दिया इस तरह का प्रयोग कोई नई बात नहीं थी। 

वक्त के साथ 'बूढ़े' हो चले हैं नॉयपॉल के विचार

i>अ राइटर्स पीपल, वेज ऑफ लुकिंग एंड फीलिंग एक ऐसे बुजुर्ग लेखक की किताब है जो आत्मकेंद्रित हो गया है..

संभावनाओं के संकेत का उपन्यास है 'उधर के लोग'

अजय का उपन्यास उधर के लोग छपकर आया है। ये 'मैं' शैली में छपा है।

पत्रकारों की दुनिया में झांकती एक किताब

पत्रकार अरविंद मोहन की किताब मीडिया की खबर छपकर आई है।

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