कहानी बड़ी अजीब है क्योंकि ये कहानी उन लोगों की कहानी है जो कभी बात बात पर म्यान से तलवार निकाल दिया करते थे। बात बात पर तरकश से तीर निकाल दिया करते थे। ये कहानी राजपूतों के उस वंश से जुड़ी है जिन्हें सेंगर वंश कहते हैं। सेंगर वंश इन राजपूतों के लिए लाठियां कैसे सहारा बन गई, कैसे एक संत और एक सूफी ने इस इलाके की तस्वीर बदल दी, एक दिल दहला देने वाली कहानी है ये।
लाठी के बदौलत लड़ाई 
कहानी बड़ी अजीब है क्योंकि ये कहानी उन लोगों की कहानी है जो कभी बात बात पर म्यान से तलवार निकाल दिया करते थे। बात बात पर तरकश से तीर निकाल दिया करते थे। ये कहानी राजपूतों के उस वंश से जुड़ी है जिन्हें सेंगर वंश कहते हैं। सेंगर वंश इन राजपूतों के लिए लाठियां कैसे सहारा बन गई, कैसे एक संत और एक सूफी ने इस इलाके की तस्वीर बदल दी, एक दिल दहला देने वाली कहानी है ये।


























