कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में रामकृष्ण परमहंस ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा गुजारा। परमहंस इस मंदिर में कैसे आए, कौन थीं उनकी पत्नी, इन सवालों के जवाब इतिहास की एक रोचक दास्तान सहेजे हैं।
रामकृष्ण परमहंस का जीवन 
यहां के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में रामकृष्ण परमहंस ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा गुजारा। रामकृष्ण परमहंस इस मंदिर में कैसे आए, कौन थीं उनकी पत्नी, कैसे पहुंचे विवेकानंद रामकृष्ण परमहंस के दरबार में, किसने बनवाया इस मंदिर को? इन सारे सवालों के जवाब अपने साथ इतिहास की एक रोचक दास्तान को सहेजे हुए हैं।

कोलकाता का मशहूर काली मंदिर 
यहां दक्षिणेश्वर काली मंदिर है। इस मंदिर से नाता है विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस का।

दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पहले पुजारी 
पूजा के लिए पुजारी की तलाश शुरू हुई और वो पुजारी भी मिले तो एक सपने की वजह से।

परमहंस का मंदिर का पुजारी बनना 
दक्षिणेश्वर के इस काली मंदिर के मुख्य द्वार के दाहिनी ओर है रानी रासमनी की मूर्ति।

जब देवी भक्ति में लीन हुए परमहंस 
लोग उन्हें समझने तो लगे लेकिन मंदिर के पुजारी पद से उन्हें हटा दिया गया।

परमहंस को दर्शन देती थीं मां काली 
रामकृष्ण परमहंस को राधा-कृष्ण, सीता-राम और जीसस क्राइस्ट भी दर्शन दिया करते थे।

अपनी पत्नी को मां मानते थे परमहंस 
शारदा देवी बेशक उनकी पत्नी थी। लेकिन दोनों में पति पत्नी का कोई रिश्ता नहीं था।


















