पौराणिक कथा के हिसाब से जब कार्तिकेय ने ताड़कासुर के गले को काट दिया तो उसके गले में स्थापित शिवलिंग आंध्र प्रदेश में पांच जगहों पर गिरा। पेश है आईबीएन7 की खास रिपोर्ट।
जब पांच जगहों पर गिरा शिवलिंग 
पौराणिक कथा के हिसाब से जब कार्तिकेय ने ताड़कासुर के गले को काट दिया तो उसके गले में स्थापित शिवलिंग आंध्र प्रदेश में पांच जगहों पर गिरा। ताड़कासुर के गले में स्थापित शिवलिंग का एक खंड द्राक्षारामम में भी गिरा। इस शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता ये थी की धरती पर गिरने के बाद ये अपने आप बढ़ने लगा।

शिवलिंग के दो हिस्सों की पूजा 
ये वो ही जगह है जहां शिवलिंग दो हिस्सों में बंटा है और दो हिस्सों की पूजा होती है।


























