रामायण काल के किस्से-कहानियां अपनी गोद में समेटे है आंध्र प्रदेश का दंडकारण्य इलाका। राम, लक्ष्मण और सीता ने चौदह साल के वनवास में से तेरह साल दंडकारण्य में बिताए। पेश है आईबीएन7 की खास पड़ताल।
जहां राम ने काटा था वनवास 
रामायण काल के किस्से-कहानियां अपनी गोद में समेटे दंडकारण्य। बाल्मिकि रामायण और तुलसीदास की रामचरित मानस के मुताबिक राम, लक्ष्मण और सीता ने चौदह साल के वनवास में से तेरह साल दंडकारण्य में बिताए थे।

जटायु ने लिया था रावण से लोहा 
सबसे पहले जटायु ने ही रावण से लोहा लिया था। रावण से लड़ाई में जटायु जख्मी हो गया।

जहां सूखते थे सीता के कपड़े 
दंडकारण्य में कई जगह पुरुषोत्तम राम के वनवास से जुड़ी चीजें देखने को मिलती हैं।

राम-सीता का सीतारामचंद्र मंदिर 
गोदावरी नदी के तट पर बसा भद्राचलम शहर सीतारामचंद्र मंदिर के लिए मशहूर है।

























