शुक्रवार, जुलाई 11, 2008 18:07s

होशियार सीबीआई और बेवकूफ हम

आरुषि का कत्ल और कत्ल के बाद के 57 दिन। पिछले 57 दिनों से लगातार हम आपको आरुषि के बारे में बता रहे हैं लेकिन आज सबसे पहले हम आपसे एक सवाल पूछना चाहते हैं। क्या ये मुमकिन है कि एक कमरे में आपकी बेटी का कत्ल हो रहा हो और आप दूसरे कमरे में आप सोए रहें?

आपको क्यों नहीं पता चला इसकी दलील ये दी जाए कि कमरे में चल रहे एसी की आवाज इतनी तेज थी कि आपको अपनी ही बेटी की चीख सुनाई नहीं दी।

रुकिए... जवाब देने की जल्दबाजी मत कीजिए... एक और सवाल... क्या ये मुमकिन है कि आपकी बेटी को कत्ल कर घर से जा चुके कातिल फिर लौट आएं और अबकि बार वो बेसुध पड़ी उस मासूम पर फिर से वार करें। यानी आप सोते रहें और वो बडे ही इत्मीनान से आपकी बेटी पर दो-दो बार वार करें। भला कौन यकीन करेगा सीबीआई की इस थ्योरी पर।

लेकिन सीबीआई या तो खुद को बेहद होशियार समझती है या फिर आपको और हमें बेवकूफ। खैर, फैसला आप खुद कीजिए लेकिन आरुषि के कत्ल का खुलासा सीबीआई ने इसी अंदाज में और कुछ ऐसे ही शब्दों के साथ किया।

सीबीआई ने जो कहानी मीडिया के सामने रखी उसका लब्बोलुआब ये कि कृष्णा, हेमराज, विजय मंडल और राजकुमार ने पहले तो एक साथ बैठकर शराब पी और उसके बाद उन्होंने आरुषि के साथ जबरदस्ती की कोशिश की लेकिन इससे पहले कि आरुषि विरोध भी कर पाती उसके सिर पर जोरदार वार किया गया।

ये देख हेमराज छत की तरफ भागा। उसके पीछे-पीछे भागे राजकुमार, कृष्णा और विजय मंडल ने छत पर हेमराज का कत्ल कर दिया। इतना ही नहीं उसके बाद वो तीनों लौटकर भी नीचे आए और आरुषि का गला रेत दिया। फिर वो बड़े ही इत्मीनान से घर से बाहर चले गए। जानते हैं, इस पूरी वारदात के दौरान कभी भी राजेश और नूपुर तलवार को ये पता नहीं चला कि उनके घर में क्या हो रहा है।

अब इस पूरी कहानी में हम क्या कहें। सीबीआई न तो कत्ल का मकसद बता पाई और न ये कि आखिर कत्ल की ये कहानी सुनाकर वो साबित क्या करना चाहती है। हद तो तब हो गई जब डॉ. तलवार की जमानत याचिका पर उसने अदालत में एक बेहद अनोखा जवाब दाखिल किया। उसने कहा कि हमें अब तक डॉ. तलवार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला इसलिए अदालत ही तलवार के बारे में फैसला करे।

उसके बाद हालांकि अदालत ने तो फैसला कर दिया। तलवार को पांच-पांच लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी लेकिन अदालत के इस एक फैसले से ये जरूर साबित हो गया कि सीबीआई डॉ. तलवार को लेकर अब तक कोई राय नहीं बना सकी है।

सीबीआई खुद कहती है कि न तो नोएड़ा पुलिस की केस डायरी में तलवार के खिलाफ कोई सबूत है और न वो ही अब तक उनके खिलाफ एक भी सबूत इकट्ठा कर सकी है तो ऐसे में सवाल ये कि वो खुलकर ये क्यों नहीं बताती की क्या तलवार बेगुनाह हैं या नहीं।

वैसे यहां एक सवाल सीबीआई से भी है - आप तफ्तीश में लगे हैं, पूरे देश को आपसे सचाई की उम्मीद है। बस इतना ही...ये उम्मीद कायम रखना। याद रखना, सच ही सामने लाना वरना इस केस का तो जो होगा सो होगा, देश आपको कभी माफ नहीं करेगा।

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