सही राशन के लिए रंग लाई प्रवीण भाई की लड़ाई

TimeWed, Dec 31, 2008 at 18:36 सिटिज़न जर्नलिस्ट सेक्शन

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 प्रवीण के मुताबिक ये एक शुरुआत है और अभी इलेक्ट्रॉनिक कांटा पूरे ज़िले में लगाया गया है।

प्रवीण के मुताबिक ये एक शुरुआत है और अभी इलेक्ट्रॉनिक कांटा पूरे ज़िले में लगाया गया है।

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पालनपुर। गुजरात के प्रवीण भाई ने एक ऐसी पहल की जिससे उनके इलाके के लोग सही मात्रा में राशन पा सके। प्रवीण भाई परमार के मुताबिक-मेरी हमेशा ये कोशिश रही है कि राशन लेने वालों को सही मात्रा में अनाज मिले और वो संतुष्ट हों लेकिन राशन की दुकानों में इस्तेमाल किए जाने वाले पारंपरिक लोहे के तराजू से सही वज़न का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

ग्राहकों की ये शिकायत रहती है कि उन्हें अक्सर राशन कम मिलता है। मेरी दुकान में लोहे का तराजू था तो जो कार्ड धारक आते थे वो कहते थे कि पीएम भाई ऐसा लगता है कि थोड़ा कम मिलता है। इसलिए मैंने सोचा कि ये निकाल के इलेक्ट्रॉनिक कांटा क्यों न लगाऊं।

पारंपरिक तराजू की जगह इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाने की शुरुआत मैंने अपनी राशन की दुकान से ही की। इस इलेक्ट्रॉनिक मशीन से राशन एकदम सही तुलता है और ग्राहक के मन में भी कोई शक नहीं रहता। लेकिन केवल एक दुकान में इसके इस्तेमाल से सब लोगों को इसका फायदा नहीं मिल सकता है। पूरे ज़िले में और पूरे राज्य में इसका इस्तेमाल होना चाहिए। इसके लिए मैंने कलेक्टर ऑफिस के कई चक्कर काटे, पहले मेरी बात अनदेखी की गई। कोई सुनवाई नहीं हुई फिर एक दिन मेरी मेहनत रंग लाई और ये इलेक्ट्रॉनिक कांटा पूरे डिस्ट्रिक्ट में लग गया। जिला पुरवठा अधिकारी आरआर रावल ने बताया कि प्रवीण भाई की दुकान है वहां से एक शुरुआत हुई और ये जो हमारे वजन कांटे थे उनको निकालके हमने इलेक्ट्रॉनिक वेट का प्रयोग किया और इसका अच्छा परिणाम मिला। ये परिणाम निकला कि पूरे स्टेट में पॉलिसी मैटर बन गया और सारे स्टेट में सप्लाई कॉरपोरेशन ने भी पूरे स्टेट को पॉलिसी मैटर के रूप में एप्लाई कर दिया।

प्रवीण के मुताबिक ये एक शुरुआत है। अभी इलेक्ट्रॉनिक कांटा पूरे ज़िले में लगाया गया है। लेकिन मेरी लड़ाई उस वक्त खत्म होगी जब इसे पूरे गुजरात में इस्तेमाल किया जाने लगेगा।

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