आतंकी एमवी कुबेर में भी खूनी खेल खेला था
Fri, Dec 19, 2008 at 10:13 , Updated at Fri, Dec 19, 2008 दुनिया सेक्शन
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मुंबई। 26 नवंबर को मुंबई में मौत का तांडव मचाने से पहले आतंकियों भारतीय समुद्र में भी मौत का खेल खेला था। 23 नवंबर को सुबह 4 बजे कराची बंदरगाह से एक निजी ट्रॉलर से आतंकी मुंबई के लिए रवाना हुए। कराची से 50 नॉटिकल माइल का सफर तय करने के बाद आतंकियों को लश्कर के डिप्टी कमांडर जकीर-उर्र-रहमान की निजी शिप अल हुसैनी पर बैठाया गया। अल हुसैनी से ये लोग बॉर्डर पार कर हिंदूस्तान की सीमा में दाखिल हुए। कराची से कुल 26 घंटे का सफर तय करने के बाद ये आतंकी पोरबंदर से 45 नॉटिकल माइल की दूरी पर भारतीय शिप एमवी कुबेर में चढ़े।
मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक इन आतंकियों ने एमवी कुबेर के कैप्टन अमर सिंह टंडेल और उसके चार मछुआरों को बंधक बना लिया। उन्होंने बंदूक की नोक पर टंडेल से अपने मुताबिक शिप चलाने को कहा। इस दौरान टंडेल सही दिशा में शिप चला रहा है या नहीं। ये जानने के लिए आतंकवादी अपने जी.पी.एस सिस्टम से लोकेशन को मॉनिटर करते रहे। कुबेर को हाइजैक कर वो पोरबंदर से रायगढ़ की सीमा को पार करते हुए पांच नॉटिकल माइल की दूरी पर पहुंचे। अमर सिंह टंडेल को लगातार गन पॉइंट पर शिप चलाने का आदेश देने वाले इन आतंकियों ने काम निकल जाने के बाद बड़ी बेरहमी से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी।
वो चाहते तो बड़ी आसानी से एम वी कुबेर के कैप्टन अमर सिंह टंडेल को गोली से उड़ाकर समुद्र में फेंक सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया इसका खुलासा पकड़े गए आतंकी मोहम्मद अजमल कसाब ने किया। पूछताछ में कसाब ने बताया कि अगर शांत समुद्र में वो टंडेल को गोली मारते तो उसकी आवाज बहुत दूर तक जाती। जिससे नेवी और सुरक्षा ऐजेंसियां चौकन्नी हो जाती। ऐसे में आतंकी पकड़े भी जा सकते थे। यही वजह है कि उन्होंने टंडेल को गोली से उड़ाने के बजाय चाकू से रेत कर मारा।
आईबीएन सेवन के पास वो तस्वीरें हैं जिसमें आतंकियों ने तंडेल के दोनो हाथ बांधे हुए हैं। इसके अलावा उसकी आंखों में पट्टी भी बंधी हुई है। मुंबई क्राइम ब्रांच को कसाब की निशानदेही पर कुबेर शिप से कई चीजें मिली थी, जिन पर मेड इन पाकिस्तान लिखा हुआ है। इसके अलावा शिप से कई हथगोले भी मिले हैं, जो कि आतंकियों ने जल्दबाजी में छोड़ गए थे।
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