जानलेवा बने हाई टेंशन वायर
Mon, Nov 24, 2008 at 15:36 , Updated at Mon, Nov 24, 2008 सिटिज़न जर्नलिस्ट सेक्शन
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नई दिल्ली। दिल्ली के एक इलाके उत्तम नगर में रहने वाले सैकड़ों लोगों के सिर पर मौत की तलवार लटक रही है। लेकिन सरकार ख़ामोश है। फिर भी एक शख़्स है जो 12 साल से प्रशासन से इस बात की लड़ाई लड़ रहा है कि बेगुनाह नागरिकों को यूं ही मौत के मुंह में नहीं ढकेला जा सकता।
मोहन विशु विहार कॉलोनी में पिछले 20-25 सालों से रह रहे थे लेकिन मौत के खतरे की वजह से ना चाहते हुए भी उन्हें वहां से जाना पड़ा। पर जो यहां से कहीं नहीं जा सकते वो एक ख़ौफ़ के साए में यहां रहने को मजबूर हैं। ये लोग रात को अपनी छतों पर नहीं जा सकते गर्मियों में भी अपनी छतों में नहीं जा सकते।
दरअसल यहां रह रहे लोगों के खौफ़ की वजह है हाई टेंशन वायर जो इनके छतों से होकर गुजर रही है। ये मामला कितना खतरनाक है इस बात का अंदाज़ा उन लोगों से बात कर के ही लग सकता है जो इन हादसों के गवाह हैं।
छतों में जाना तो मुश्किल है लेकिन छत के साथ-2 आप जानेंगे कि घर के अंदर भी ये पोल लगे हुए हैं और सरकार का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। यहां के लोगों का घर के अंदर रहना भी मुश्किल हो रहा है।
ये हाई टेंशन के तार बेहद खतरनाक हैं क्योंकि इसके नीचे बनने वाली इलैक्ट्रो-मैग्नेटिक फील्ड कुछ दूरी से इंसान को अपनी तरफ खींच लेती है और इसकी चपेट में आने के बाद मौत तय है। पिछले कुछ साल में यहां 100 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं जिनमें 25 लोग अपनी जान गंवाई है और करीब 90 लोग अपाहिज हो गए हैं।
33 किलो वाट की खतरनाक हाईटेंशन वायर की लाइन बहादुरगढ़ से गुड़गांव की तरफ जा रही है जो कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के तहत आती है। बिजली के ये तार उत्तम नगर की कई कॉलोनियों से होकर गुजरते हैं।
दरअसल इन बिजली के खंबों की उंचाई 20 फुट ही है। बिजली के ये तार बेहद खराब हालत में हैं। ढीले होने की वजह से ये इतने नीचे हो गए हैं कि छत पर खड़ा इंसान कभी भी इनकी चपेट में आ सकता है। वैसे तो आस-पास के इलाके में कई जगह ये तार अंडर ग्राउंड कर दिये गए हैं लेकिन विशु विहार में रहने वालों के सिर पर मौत झूल रही है।
हांलाकि मोहन 12 साल से सरकारी लापरवाही के खिलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं लेकिन सरकार के सरोकार का आलम ये है कि बड़ी दुर्घटना होने पर ही अधिकारी इलाके की सैर पर आते हैं और नेताओं के पास तो उतना समय भी नहीं है।
इस सिलसिले में मोहन ने कई बार हरियाणा विद्धुत प्रसारण निगम और अपने एरिया के एम एल ए को कई पत्र लिखे। लेकिन हरियाणा सरकार ने ये बात दिल्ली सरकार के सर मढ़ दी। लेकिन जब उन्होंने दिल्ली विद्युत बोर्ड से इस सिलसिले में बात की तो उन्होंने इसके लिए हरियाणा सरकार की जिम्मेदार बता कर पल्ला झाड़ लिया। ये लाइन हरियाणा विद्धुत प्रसारण निगम को भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड से दी गई है। इस सिलसिले में मोहन भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पास भी गए।
मोहन जब हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर से मिलकर आए तो उन्होंने मोहन को आश्वासन दिया कि वो जल्द से जल्द इस पर कार्यवाही करेंगे। अब देखना है कि वो कब तक इस पर कार्यवाही करते हैं। मोहन 8-10 सालों से इन मौत की तारों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और आगे भी तब तक करते रहेंगे जब तक कि इनके प्रति कोई कार्यवाही नहीं होती।


























