पत्थरदिल मांसा ने किया नन्ही आनंदी को माफ

TimeWed, Nov 19, 2008 at 14:28 , Updated at Wed, Nov 19, 2008 मनोरंजन सेक्शन

Tagsटैग: Balika, Vadhu | 0 कमेंट्स

Email Print

कल्याणी देवी आनंदी पर चोरी का इल्जाम लगाती है और मांसा के इस इल्जाम से दोनों टूट जाते हैं।

कल्याणी देवी आनंदी पर चोरी का इल्जाम लगाती है और मांसा के इस इल्जाम से दोनों टूट जाते हैं।

            

मुंबई। अंधेरी कोठरी में बंद रहने की सजा बालिका वधू को घर की दहलीज लांघने पर मजबूर कर देती है। आनंदी अकेले ही बिलारिया के लिए निकल पड़ती है। इस बीच हवेली में बालिका वधू के गायब होने की खबर से सब परेशान हो जाते हैं। आखिकार बालिका वधू अपने घर तो पहुंच जाती है लेकिन आनंदी का घर से भागना कल्याणी देवी को रास नहीं आता और वो उसे वापस ससुराल आने से रोक देती हैं।

आखिर आनंदी पहुंच जाती है अपने गांव बिलारिया। लेकिन बस स्टॉप पर उतर कर वो अपने को अकेला पाकर आवाज लगाती है अपनी मां को। और किस्मत से आनंदी की वो आवाज उसकी मां भगवती तक पहुंच जाती है। एक नन्ही जिंदगी को बेदर्द रेगिस्तान में मां का आंचल नसीब हो जाता है।

आनंदी घर तो आ गई लेकिन यहां भी हवेली की यादें उसका पीछा नहीं छोड रही। इसी बीच खजान सिंह हवेली में आनंदी के गांव पहुंचने की खबर देता है। लेकिन ये संदेशा आनंदी की ससुराल वापसी पर रोक साबित होता है। कल्याणी देवी किसी भी सूरत में बालिका वधू को स्वीकार करने से इंकार कर देती हैं।

खजान सिंह आखिरकार ठहरा बेटी का बाप। उसे इस निष्ठुर समाज की सच्चाई मालूम है। खजान सिहं यही बात भगवती को समझा कर उसे आनंदी को वापस हवेली भेजने के लिए मना लेता है। लेकिन हवेली में मांसा आनंदी के मां-बाप को बेइज्जत करने में कोई कोर कसर नहीं छोडती। और हवेली का हर शख्स न चाहते हुए भी कल्याणी देवी के जहर बुझे लफ्जों को झेलता है।

कल्याणी देवी आनंदी पर चोरी का इल्जाम लगाती है और मांसा के इस इल्जाम से दोनों टूट जाते हैं। बेलफ्ज हुए बालिका वधू के मां-बाप अपना गुस्सा उसी पर उतारते हैं और इन सब के बीच कल्याणी देवी की हर कोशिश आनंदी के मां-बाप को नीचा दिखाने की रहती है।

मांसा किसी भी कीमत पर आनंदी को वापस हवेली आने देना नहीं चाहती। खजान सिंह के गिड़गिड़ाने, माफी मांगने पर भी कल्याणी देवी नहीं पिघलती। आखिरकार एक लड़की का बाप उस हद तक चला जाता है जहां वो अपना सर मांसा के कदमों में रख देता है।

यहां हमारे सामने समाज की वो बेदर्द सच्चाई सामने आती है जहां लड़की वालों को हमेशा झुककर रहना पड़ता है। लेकिन पत्थर दिल कल्याणी देवी तब भी नहीं मानती वो बालिका वधू को अपनाने से इंकार कर देती है।

नन्हीं आनंदी को शायद तबतक ये गुमान हो जाता है कि अब उसे ही कुछ करना पडे़गा। आनंदी कल्याणी देवी से अपनी मासूम गलतियों की माफी आंसुओं के साथ मांगती है। शायद बालिका वधू का मिन्नतें करना, माफी मांगना और उसके आंसू पत्थरदिल कल्याणी देवी को उसे माफ करने पर मजबूर कर ही देते हैं। और इस तरह होती है वापसी बालिका वधू की।

ज़िंदगी लाइव

मुसीबतों, परेशानियों, हादसों और कुदरत के कहर में फंस कर...

सारे शो देखें »

क्या आपको लगता है कि भारत के दिए सबूतों पर पाक कोई कार्रवाई करेगा?

हां

नहीं

पता नहीं

हमारे बारे में | विज्ञापन | हमें बताइए | RSS

कॉपीराइट IBN7 खबर। सर्वाधिकार सुरक्षित