साध्वी ने महंत को जिंदा जला डाला
Tue, Nov 18, 2008 at 19:49 , Updated at Tue, Nov 18, 2008 सिटी खबरें सेक्शन
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अहमदाबाद। जिस वक्त दुनिया दीवाली की जगमग और पटाखों की धूम में रमी हुई थी। उस वक्त गुजरात के बनासकांठा के वडगाम तहसील की एक गुफा में एक संत धू-धू कर जिंदा जलाया जा रहा था। संत संजय गिरी को जिंदा जलाने का इल्जाम लगा एक साध्वी पर। साध्वी जयश्री गिरी पर मंदिर पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप है।
संजय गिरी की हत्या का रहस्य दीवाली के एक दिन बाद तब उजागर हुआ, जब लोग पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचे। मौके पर पहुंची पुलिस ने इसे हत्या मानने से इनकार कर दिया।
पुलिस के मुताबिक संजय गिरी ने खुदकुशी की थी। इसके बाद एक दलील दी गई कि शायद शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने से उनकी मौत हो गई हो। लेकिन मौके पर मिले केरोसिन तेल के डिब्बे, बाल्टी और थैले कुछ और ही बयां कर रहे थे।
हालांकि पुलिस ने साध्वी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन लोगों का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत की वजह से ही साध्वी को बचाने की कोशिश की गई।
इस बारे में एसपी बनासकांठा डी.एन.पटेल का कहना है कि हमें कुछ अहम सुराग मिले हैं। घटना के वक़्त साध्वी जयश्री गिरी मुक्तेश्वर महादेव मठ में मौजूद थी। साध्वी और उनके साथियों ने उनके काले काम छुपाने के लिए शायद संजय गिरी की हत्या की। फिलहाल साध्वी और उनके साथियों के खिलाफ 302 का केस दर्ज किया गया है।
गौरतलब है की साध्वी जयश्री गिरी के आतंक की खबरें IBN7 पहले भी दिखाता रहा है। मठ पर कब्जा करने की उसकी साजिशों को IBN7 ने पहले भी बेनकाब किया है। साध्वी पर संतों को ब्लैकमेल करने और एक पूर्व महंत जगदीश गिरी को गायब करने के भी आरोप लगे हैं। साध्वी और पुलिस की मिलीभगत के आरोपों को देखते हुए लोगों को भरोसा नहीं कि तफ्तीश में ईमानदारी बरती जाएगी।


























