G-20 की बैठक में मंदी से उबरने की कवायद
वॉशिंगटन। मंदी की मार से जूझने के लिए 20 विकसित और विकासशील देशों के नेता आर्थिक सम्मेलन कर रहे हैं। वॉशिंगटन में जारी G-20 की बैठक में एक ऐसा सिस्टम बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। जिससे भविष्य में आर्थिक संकट आने से पहले सूचना मिल सके। अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वुश ने कहा शुरुआती बैठक में सफलता भी मिली है।
दरअसल दुनिया भर के बाजारों में मंदी की दौर जारी है। इसी मंदी से उबरने के लिए भारत, चीन, फ्रांस, जर्मनी, आस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के शीर्ष नेता G-20 की सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। वाशिंगटन में जारी बैठक के शुरूआती दौर में मंदी से उबरने के तरीके को लेकर आम सहमति भी बनती दिख रही है।
बैठक में उदारीकरण को हरी झंडी दिखाते हुए सभी देशों ने व्यापार के लिए अपने दरवाजे खुले रखने पर जोर दिया। सभी देशों के नेताओं ने माना आर्थिक संकट से निपटना सरकार की जिम्मेदारी है पर इसका मतलब दखल कतई नहीं होना चाहिए। एकांउटिंग के नियमों को पारदर्शी और सख्त बनाने की पैरवी भी की गई है। इसके साथ ही आर्थिक हालात पर नजर बनाए रखने के लिए तमाम देशों के नुमाइंदों को लेकर एक वित्तीय नियंत्रण समूह की गठन पर भी चर्चा की गई।
हालांकि इस सम्मेलन की सफलता पर सवाल खडे़ हैं। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा इसमें हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
माना जा रहा है कि अगले साल 20 जनवरी को सत्ता की बागडोर संभालने के बाद ओबामा की अगुवाई में आला नेता एक बार फिर मुलाकात करेंगे।



























