‘वैश्विक आर्थिक संकट से लाभ उठा सकता है भारत’
Sat, Nov 15, 2008 at 12:05 , Updated at Sat, Nov 15, 2008 दुनिया सेक्शन
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वैश्विक आर्थिक संकट भारत के सामने नई संभावनाएं लाया है।
न्यूयार्क। यद्यपि वित्तीय संकट के कारण भारत परेशानी महसूस कर रहा है लेकिन एक वरिष्ठ अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक संकट भारत के सामने नई संभावनाएं लाया है और वह इसका बहुत अधिक लाभ उठा सकता है।
न्यूयार्क के काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशन के चीनी अध्ययन के वरिष्ठ विशेषज्ञ एडम सेगल ने कहा, "इस बात पर सहमति है कि वर्तमान शक्ति संतुलन के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को फिर से बनाना होगा और भारत इसका लाभ उठाकर ऊंचा स्थान हासिल कर सकता है।"
भारत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक जैसे संस्थानों में अधिक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करने के साथ ही इनमें विकासशील देशों को और अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग को पूरा करवाने के लिए भी इस मौके का उपयोग कर सकता है।
सेगल का कहना है कि भारत का वित्तीय क्षेत्र तुलनात्मक रूप से पृथक है, रुपया पूर्ण परिवर्तनीय नहीं है और अमेरिकी वित्तीय संकट से भारतीय बैंकों को अधिक नुकसान नहीं हुआ है। भारतीय शेयर बाजारों को विदेशी संस्थागत निवेशकों के पैसा वापस खींचने के कारण करीब 10 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है लेकिन भारतीय कंपनियां घरेलू बाजार से इस नुकसान की भरपाई कर सकती हैं।
सेगल का मानना है कि भारत में घरेलू मांग मजबूत बनी रह सकती है। इस वर्ष के बजट में ग्रामीण रोजगार के लिए भी काफी धन का प्रावधान करने के साथ ही उपभोक्ताओं को करों में काफी छूट दी गई है।
अमेरिकी विशेषज्ञ के अनुसार भारत अपनी आवश्यकता का करीब 80 प्रतिशत तेल आयात करता है। यदि कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे होती हैं तो भारत को लाभ होगा। इससे अन्य सामानों के दाम भी कम होंगे।

























