दयानंद का हुआ मेडिकल, अब होगी पूछताछ
Fri, Nov 14, 2008 at 08:48 , Updated at Fri, Nov 14, 2008 देश सेक्शन
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मुंबई। लखनऊ की कोर्ट की तरफ से मिले ट्रांजिट रिमांड के बाद एटीएस की टीम स्वयंभू शंक्राचार्य दयानंद पांडे को लेकर मुंबई पहुंच गई है जहां देर रात उनका केईएम अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। अब उनसे धमाकों के बारे में पूछताछ की जाएगी। एटीएस के गिरफ्त में आए दयानंद पांडे, महंत अमृतानंद उर्फ सुधाकर द्विवेदी के नाम से भी जाने जाते हैं।
दयानंद पांडे मालेगांव धमाकों के साजिश का आरोपी है। पूछताछ में साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित ने दयानंद का नाम लिया था। एटीएस की मानें तो साध्वी ने एटीएस के सामने कबूल किया कि हरिद्वार शारदा आश्रम में वो दयानंद पांडे से अक्सर मिलती थी। उसी आश्रम में दोनों से कर्नल पीएस पुरोहित से भी मुलाकात हुई थी। उसके बाद जम्मू आश्रम में पुरोहित और दयानंद की कई बार मुलाकात हुई।
दयानंद पांडे का एक अहम ठिकाना फरीदाबाद का चक्रेश्वर मंदिर में भी था। इस मंदिर में दयानंद हफ्तों तक रुकते थे। इस दौरान कई बड़े-बड़े लोग दयानंद से मिलते थे। मंदिर का एंट्री रजिस्टर को खंगालने के बाद ये पता चला कि दयानंद से मिलने वालों में दिल्ली से आने वालों की संख्या ज्यादा रही है। रजिस्टर में यशपाल सिंह का नाम कई बार दर्ज है। सवाल उठता है कि ये यशपाल सिंह कौन हैं। सूत्रों के मुताबिक यशपाल सिंह और दयानंद पांडे बंद कमरे में घंटों बातें करते थे। एटीएस को शक है कि कहीं यशपाल भी साजिश की एक कड़ी तो नहीं है।
एटीएस के पास कई और सबूत दयानंद के खिलाफ है। एटीएस के मुताबिक दयानंद पांडे ने वाराणसी के एक मठ को 15 लाख रुपए दिए और उस मठ से अपने लिए कथित शंकराचार्य का टाइटल खरीदा। दयानंद पर गैरकानूनी तरीकों से दौलत हासिल करने का आरोप है। दयानंद महंगे मोबाइल और लैपटॉप का भी शौकीन है। खबर ये भी है कि मध्यप्रदेश और गुजरात की दो महिलाओं से भी उनके ताल्लुक हैं।



























