नस्लीय हमलेः घर में ही घिरी ऑस्ट्रेलिया सरकार
Tue, Feb 09, 2010 at 11:46 , Updated at Tue, Feb 09, 2010 दुनिया सेक्शन
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कुछ लोग नस्लवादी व्यवहार करके डर और आतंक पैदा कर रहे हैं।
मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया में विपक्ष के नेता टेड बैलीयु ने सोमवार को कहा कि भारतीय छात्रों पर हो रहे नस्लीय हमले से निपटने में विक्टोरिया सरकार विफल रही है। बैलीयु ने कहा कि नस्लभेदी हिंसा के चलते कई हमले हो चुके हैं, लेकिन प्रीमियर जॉन ब्रम्बी समस्या को हल करने में नाकामयाब रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया भारत व्यापार परिषद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विक्टोरिया नस्लवादी समाज नहीं है, लेकिन कुछ लोग नस्लवादी व्यवहार करके डर और आतंक पैदा कर रहे हैं।
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समाचार पत्र द एज के अनुसार, टेड ने पुलिस प्रमुख कमिश्नर सिमोन ओवरलैंड के उस बयान की भी निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि विदेशी छात्र खुद को गरीब दिखाएं और हमले से बचने के लिए महंगे आईपॉड, लैपटॉप और घड़ियों को छिपाकर रखें।
उनका यह बयान भारतीय उच्चायुक्त सुजाता सिंह के उस बयान के एक दिन बाद आया जिसमें उन्होंने गवर्नर जनरल क्वेनटिन ब्राइक से कहा था कि ऑस्ट्रेलिया सरकार इस समस्या से मुंह चुरा रही है।
टेड के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रीमियर ब्रम्बी के प्रवक्ता ने कहा कि उनका बयान समस्या को और बढ़ाएगा।



























