चार सौ बीसी में पूरे गुरु हैं गुरुवयूर
Wed, Aug 27, 2008 at 21:27 , Updated at Wed, Aug 27, 2008 देश सेक्शन
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आईबीएन7/कोबरा पोस्ट
नई दिल्ली। स्वामी ब्रह्म श्री गुरुवयूर सूर्यम नंबूदरी चेन्नई में श्री सूर्यमंगलम ट्रस्ट के कर्ताधर्ता हैं और श्री सूर्यमंगलम विद्यापीठ चैरिटी ट्रस्ट के चेयरमैन। वे लाखों लोगों की भक्ति के प्रतीक हैं। हमें पता चला कि भक्ति तो महज दिखावा है। स्वामी ब्रह्म श्री गुरुवयूर सूर्यम नंबूदरी के आश्रम में काले पैसे को सफेद बनाने की चार सौ बीसी चल रही है। सच्चाई का पता लगाने हमने दिल्ली के लाजपत नगर के आश्रम का दरवाजा खटखटाया। सामना हुआ सूर्यम नंबूदरी के शिष्य से। शिष्य ने ही गुरुजी की भाषा का हिंदी में अनुवाद किया। क्योंकि गुरुजी को हिंदी नहीं आती।
शिष्य - वो मैंने इनको बता दिया है। तो गुरुजी पूछते हैं कि आप कितना परसेंट देते हो। मैं एक उदाहरण देता हूं। अगर आप एक लाख रुपया देते हो ब्लैक में हमारे ट्रस्ट को तो कितना वापस होगा। कितना परसेंट आप उम्मीद करते हो?
संवाददाता - ये तो स्वामीजी ही बताएंगे कितना रेट चल रहा है।
(बातें काले धन को सफेद करने के कमीशन की हो रही हैं। हमने कहा कि बड़ी कंपनी दस करोड़ रुपए को व्हाइट मनी में बदलना चाहती है, कितना रेट लेंगे। श्री गुरुवयूर सूर्यम नंबूदरी ने झट से ढाई करोड़ मांग लिए। यानि पच्चीस फीसदी का मोटा कमीशन। फिर मोलभाव का दौर चला, आखिर सौदा दो करोड़ में पटा। लेकिन ये क्या, स्वामीजी ने तो एक टेढ़ी शर्त सामने रख दी।)
शिष्य - गुरुजी कह रहे हैं कि पच्चीस साल से ये आश्रम चल रहा है और एक भी ब्लैक स्पॉट नहीं है। किसी को भी मालूम पड़ा कि आपका काम कर रहे हैं, तो टैक्स भरना पड़ जाएगा।
संवाददाता - नहीं, नहीं तो आप अपना ऑफर बता दीजिए।
स्वामी - पच्चीस परसेंट।
शिष्य - पच्चीस कम से कम।
संवाददाता - स्वामी जी कृपा कीजिए, हमारे लिए कुछ नहीं बचेगा।
शिष्य-आपने दस बोला स्वामी जी ने पच्चीस बोल दिया।
संवाददाता - पंद्रह में डन कर दीजिए।
शिष्य - बीस में फाइनल।
संवाददाता - हमारी तरफ से भी बीस में डन।
शिष्य - (स्वामी से) डन बीस में?
स्वामी – पक्का।
संवाददाता - कोई भी डील होती है हमारी तो हम ब्लैक एमाउंट देंगे कॉर्पोरेट कंपनी का।
शिष्य - पर आपको पेमेंट चेन्नई में देना पड़ेगा।
संवाददाता - पैसा चेन्नई में देना पड़ेगा।
(शर्त ये कि सारा पैसा चेन्नई में कैश देना पड़ेगा। शायद स्वामीजी इनकम टैक्स के भूत से बचना चाहते हैं इसीलिए दस करोड़ की काली रकम एक हजार के नोटों में मांग रहे हैं। अपना कमीशन काट कर आठ करोड़ रुपए हमें लौटाने का वादा भी किया गया। ये भी कह दिया गया कि उस पैसे के लिए हमें धैर्य रखना पड़ेगा। इतनी रकम को सफेद बनाने के लिए जरूरी बिल जुटाने पड़ेंगे, जिसमें महीना भर लग जाएगा।)
शिष्य - सब हजार रुपये के नोट हों।
संवाददाता - हां वो तो मिल जाएगा। उसमें कोई दिक्कत नहीं है। सब हजार रुपये के नोट ही होंगे।
शिष्य - कितने दिन में आपको व्हाइट चाहिए?
संवाददाता - पंद्रह दिन में।
शिष्य - अगर आपको चेक चाहिए तो आपको एक महीने रुकना पड़ेगा।
संवाददाता - कोई दिक्कत नहीं है।
शिष्य- स्वामी जी क्या बोल रहे हैं कि अगर आप दस करोड़ देते हो तो आफ्टर 30 डेज....
संवाददाता - बिल्कुल ठीक है। दस करोड़ में से आठ करोड़ आप हमें चेक से लौटा देंगे।
शिष्य - चेक से लौटा देंगे क्योंकि हमें तभी तो रोटेशन का टाइम मिलेगा इधर-उधर करने के लिए। टैक्स के लिए। फिर जो सर्टेन एमाउंट बचता है आफ्टर थर्टी डेज आपको बुलाएंगे आपका आठ करोड़ का चेक पकड़िए। नेक्स्ट फिर कब करना है आप बताइए।
(स्वामी सूर्यम नंबूदरी की मौजूदगी में डील कर रहा शिष्य पक्का घाघ है। एक सौदा हुआ नहीं - दूसरे की तैयारी करने लगा। और ये स्वामी जी - भले ही इन्हें टूटी-फूटी हिंदी ही समझ आती है लेकिन ये अपने शिष्य की कारस्तानी - उसकी बोली औऱ सबसे अहम उसके इरादे से पूरी तरह वाकिफ नजर आए। तभी तो काले धंधे के शगुन के तौर पर हमसे तीन हजार एक रुपये भी रख लिए। स्वामी सूर्यम नंबूदरी महंगी कारों के शौकीन हैं। पता ये भी चला है कि उनके पास एक मर्सिडीज के अलावा और भी कई गाड़ियां हैं। एक संन्यासी को मर्सिडीज जैसी कार की जरूरत क्यों पड़ती है ये हम नहीं जानते। शायद आज की तारीख में इनकम टैक्स विभाग वाले ये जरूर जानना चाहें। स्वामी सूर्यम नंबूदरी को करीब से पहचानना चाहें।)




























पोस्टे बी SITARAM SHARMA
बहुत ही अच्छा है इन बाबा लोगो पर्दा फ़ास करना
रेप्ली टू थिस कमेंट