पायलट बाबाः ब्लैक का व्हाइट करने के लिए नाम ही काफी है
आईबीएन7/ कोबरा पोस्ट
नई दिल्ली। मोह माया के आसमान में आध्यात्म का प्लेन उड़ाते हैं पायलट बाबा। वायुसेना के पूर्व विंग कमांडर। 1965 और 1971 की लड़ाई में दुश्मन के छक्के छुड़ाने के बाद संत का चोला पहन लिया। राजनीति में प्रभामंडल चमकाने वाले बाबा साल के ज्यादातर दिन विदेश में संतवाणी बरसाते हैं। वही खुफिया कैमरे में काले पैसे को सफेद बनाने का फॉर्मूला बताते पकड़े गए।
पायलट बाबा - आप लोग ज्योति से बात कर लीजिएगा। जो एमाउंट आप लोगों को चाहिए उसका चेक ले लीजिएगा। आपका एमाउंट एक नंबर का हो जाएगा।
संवाददाता - एक नंबर का हो जाएगा ?
पायलट बाबा – हां, एक नंबर का हो जाएगा।
(एक नंबर का एमाउंट, ये शब्द हमने नहीं ये पायलट बाबा ने इस्तेमाल किया। एक नंबर यानि असली - काला या दो नंबरी नहीं बल्कि सफेद यानि कानून की नजरों में दुरुस्त पैसा। इस खेल का पहला प्यादा है ज्योति। पायलट बाबा का पीए जो दरअसल उनके मायावी संसार का दरवाजा है। ज्योति पहले तो दीवार की तरह अड़ गया लेकिन हरे नोट की खुशबू आते ही ये दीवार गिर गई। हम कॉरपोरेट कंपनियों के एजेंट बनकर उससे मिले-पूछा कि क्या धार्मिक ट्रस्ट की आड़ में काला पैसा सफेद हो सकता है। उसने बाबा से डील कराने के एवज में तीस लाख रुपये की मांग की और बतौर पेशगी एक हजार रुपये लिए। जब ट्रेलर ऐसा है तो फिल्म कैसी होगी, यही सोचते-सोचते हम दिल्ली में बाबा के आश्रम पहुंचे। मुलाकात का वक्त तय था।)
संवाददाता - हमारी जो कंपनी है स्वामी जी, आपके ट्रस्ट को सपोज कीजिएगा उन्होंने 10 करोड़ रुपया दिया। 10 करोड़ रुपया देने के बाद में आपसे जो हमारी अंडरस्टैंडिग होगी, आपका ट्रस्ट वो एमाउंट रख लेगा।
पायलट बाबा – हूं।
संवाददाता - बाकी का एमाउंट वो हमें कितने दिन में लौटा देगा, वो हमें श्योरिटी चाहिए ताकि हमारा पैसा फंस न जाए।
पायलट बाबा - आपको जो लेना होगा आप हमारे एकाउंट से पैसे का चेक ले सकते हैं।
संवाददाता – अच्छा, आप चेक से दे देंगे तो हमारा पैसा जेनविन हो जाएगा न।
(यानि पायलट बाबा हमारा काला पैसा रखेंगे - अपना कमीशन काटकर बाकी पैसा सफेद बनाकर चेक से लौटा देंगे। चेक देने के दसियों बहाने हो सकते हैं। सबसे आसान बहाना ये है कि हमने उनके आश्रम के लिए कोई काम किया और वो उस काम के बदले हमें ये रकम दे रहे हैं। कानून की आंखें इस गोरखधंधे पर कभी खुल नहीं पाएंगी। कुछ देर बाद तो हमारे कानों में जैसे गर्म शीशा उड़ेल दिया गया। बाबा के मुख से एक के बाद एक राजनेताओं के नाम और बाबा के पास मौजूद उनकी काली कमाई का जिक्र फूटने लगा। शुरुआत हुई कांग्रेस के उम्रदराज, बेहद वरिष्ठ, सालों साल एक उत्तरी राज्य के मुख्यमंत्री रहे नेता के नाम से)
संवाददाता - बाबाजी। आपको मतलब (एक उत्तरी राज्य के मुख्यमंत्री रहे नेता के नाम) भी पैसे देते हैं?
पायलट बाबा - हमको पैसा देते हैं। इनका दसों करोड़ रुपया है। कोई भी हो बेटा मेरा सबके साथ मेरा अच्छा संपर्क है। हम लोग ही सफेद करवाते हैं।
संवाददाता - मतलब आपके यहां ब्लैक का व्हाइट होने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
स्वामी - अरे एक मिनट में बेटा, हम लोग एक-एक चेक दिखा सकते हैं। कितने लोग ले गए हैं।
(सच ही तो है कितने ही लोग बाबा का -ब्लैक मनी व्हाइट गुरुमंत्र - ले गए होंगे। कितनों का ही जीवन टैक्स की वैतरिणी से पार लग गया होगा। बाबा की बोली किसी एजेंट की बोली लगने लगी। मोह माया को त्यागकर संन्यासी जीवन अपनाने वाले पायलट बाबा खुलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रिश्तों की शेखी बघारने लगे।)
पायलट बाबा - हमारी भेंट तो प्रेसिडेंट से भी होती है बेटा।
संवाददाता - जॉर्ज बुश से भी।
पायलट बाबा - हां, हां।
पायलट बाबा - सारे शेखों से है। खाना-पीना साथ में होता है। हमारा प्रोग्राम है अप्रैल में। दुबई जा रहे हैं। दुबई में सारे शेखों के साथ। संपर्क तो हमारा ऐसा है कि कोई मिनिस्टर नहीं होगा ऐसा, कोई चीफ मिनिस्टर नहीं होगा जो हमें नहीं जानता हो।
(सुना आपने - पायलट बाबा फिर राजनीति के फेर में पड़े - या शायद राजनीति उनके फेर में पड़ी हुई है। अब उन्होंने हिंदी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दो नेताओं के नाम लिए।)
संवाददाता - खास कौन-कौन से हैं थोड़ा सा...
पायलट बाबा - सभी हैं
संवाददाता - जैसे आपने बताया (एक उत्तरी राज्य के मुख्यमंत्री रहे नेता का नाम) भी पैसा लगाते हैं।
पायलट बाबा - सभी बेटा दो पूर्व मुख्यमंत्री, एक मौजूदा मुख्यमंत्री और एक पूर्व प्रधानमंत्री के नाम)। हर किसी को जरूरत रहती है बेटा।
(दो पूर्व मुख्यमंत्री, एक मौजूदा मुख्यमंत्री और एक पूर्व प्रधानमंत्री को पायलट बाबा अपना चेला बता रहे हैं। हम नहीं जानते कि वो डींगें हांक रहे हैं या सच्चाई बयान कर रहे हैं, लेकिन एक बात तो तय है कि भ्रष्ट आचरण की इस गंगोत्री में वो अकेले नहीं हैं। पायलट बाबा बिंदास होकर अपना असली काम बता रहे हैं। काले पैसे को धार्मिक ट्रस्ट का ठप्पा मारकर सफेद बनाने का ये खतरा वो ऐसे ही नहीं उठाते, इसके बदले ऐंठते हैं मोटा कमीशन। यहां बाबा से हम दस करोड़ की ब्लैक मनी को जायज बनाने का सौदा कर रहे हैं।)
संवाददाता -आप पहले बता दें कि पहले कैसे रहा है तो उसी हिसाब से जवाब दे दें हम कॉर्पोरेट्स को।
पायलट बाबा - वो तो डिपेंड करता है, जैसे पैसा आता है। कोई बीस परसेंट करता है, कोई तीस परसेंट करता है तो कोई पचास परसेंट करता है।
संवाददाता - स्वामीजी बीस-तीस में तो मार्जिन ही नहीं रह पाएगा। इससे बढ़िया कि हम गवर्नमेंट को न दे दें।
पायलट बाबा - वही तो कह रहे हैं कि मार्जिन करके आप बताओ।
संवाददाता - स्वामीजी दस परसेंट चलेगा
पायलट बाबा - नहीं बेटा।
संवाददाता - दस पर नहीं ?
पायलट बाबा - दस पर नहीं हो पाएगा, बहुत जिम्मेदारी होती है।
(पायलट बाबा से हमारा सौदा तीस परसेंट में पटा। यानी दस करोड़ के काले धन में से वो तीन करोड़ रख लेंगे, सात करोड़ रुपये हमें चेक से लौटा देंगे। उनके ट्रस्ट के खाते में किसी काम के बदले सात करोड़ का ये पेमेंट दर्ज हो जाएगा और बचे काले तीन करोड़ उनकी गुरुदक्षिणा बन जाएगी। ये बात छुपी नहीं है कि पायलट बाबा के राजनीति से गहरे रिश्ते हैं - इन रिश्तों को मुनाफे के खेल में वो बखूबी इस्तेमाल करते हैं। तो खुद ही देखिए पायलट बाबा के सुर जिनसे केवल सिक्के निकल रहे हैं।)
पायलट बाबा- बेटा मेरा नाम ही काफी है। ब्यूरोक्रेट्स जगत में पॉलिटिकल जगत में मेरा नाम ही काफी है। पायलट बाबा नाम कह दो, बस काफी है।
संवाददाता - स्वामीजी ये जो दस करोड़ रुपये की हमारी आपकी डील हो रही है। छोटा सा मतलब शगुन समझकर एक शुरुआत कर रहे हैं हम लोग। आज शिवरात्रि भी है। आज दिन भी अच्छा है। तीन हजार रुपये ये आपको हमने अर्पित किए।
पायलट बाबा - लक्ष्मी है बेटा। भगवान की कृपा है।
संवाददाता – जी। आप आशीर्वाद दे दीजिए। हम लोगों का कार्य...
पायलट बाबा - राइज करोगे बेटा, बिल्कुल, ऐसी कोई बात नहीं।
बातचीत में पायलट बाबा ने कई बार हमें चौंका दिया। एक बार तो बोले कि वो कई कॉर्पोरेट कंपनियों का काला धन विदेश में ट्रांसफर करवाने का धंधा भी करते हैं।
पायलट बाबा - ऐसा है कई कॉर्पोरेट कंपनी जापान में, अमेरिका में सौ-सौ करोड़ चाहती हैं कि हम ट्रांसफर करा लें।
संवाददाता - सौ-सौ करोड़ भी करवा देंगे आप।
पायलट बाबा - उधर का उधर ही करवा देंगे। इधर की जरूरत भी नहीं है।
पायलट बाबा - ये तो बहुत कम हैं बेटे। नेता तो हमारे पास ऐसे हैं कि जो पांच-पांच सौ करोड़ रुपये दे रहे हैं प्राइम मिनिस्टर बनाने के लिए, शासन बदलने के लिए कि हमसे पांच सौ करोड़ रुपये ले लीजिए एमपी खरीदने के लिए।
(पायलट बाबा की बातें सुन हम हैरत में थे। पायलट बाबा की बातों को सच मानें तो उन्होंने सत्ता की दलाली से लेकर करोड़ों की हेराफेरी तक हर गैरकानूनी काम में हाथ डाला हुआ है। एक क्षेत्र शायद बच गया था, वो भी जल्द ही सामने आ गया।)
पायलट बाबा - हम बिहार के हैं बेटा। हम राजघराने से हैं। कोई छोटे लोग नहीं हैं हम लोग। हमारे पास ऐसे आदमी हैं कि कोई आदमी बदमाशी करेगा यहां से उठवा लेंगे बेटे। कोई बदमाशी करेगा तो वहां से उठवा लेंगे।
(कभी रेट, कभी राजघराना, कभी इधर का उधर - ये शब्द उस पायलट बाबा के नहीं हो सकते जिसे लाखों लोग पूजते हैं। ये तो उस पायलट बाबा के हैं जो मायावी है। जो धर्म के ट्रस्ट की आड़ में दौलत के महल खड़े कर रहा है। सिक्का पलट चुका था, चित और पट दोनों चेहरे ही मायावी निकले। माया, जो जल्द समझ न आए और शायद कभी भुलाई न जा सके।)
आई बी एन 7 की ये बबाओ को कालाबाज़ारी सचमुच आँख खोलने वाली हे मे यही केहना चाहता हू की



























पोस्टे बी manoj kumar sharma
भ्रसत बाबाओं की पोल खोलने के लिए आपका धन्यवाद जनता इनसे भले ही दूर रहे लेकिन ये नेता और कोर्पोरेट
रेप्ली टू थिस कमेंट