पाठकों ने कहा- ठाकरे एंड कंपनी पर बैन लगे

TimeFri, Nov 20, 2009 at 19:25 , Updated at Fri, Nov 20, 2009 देश सेक्शन

Tagsटैग: ibn7, shivsena, attack | 22 कमेंट्स

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पाठक ये जानकर सन्न हैं कि शिवसैनिकों की इतनी हिम्मत हो गई।

पाठक ये जानकर सन्न हैं कि शिवसैनिकों की इतनी हिम्मत हो गई।

मुंबई में आईबीएन ऑफिस पर हमले को लेकर देश-विदेश से आईबीएनखबर के पाठकों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस हमले के लिए शिवसेना पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कई पाठकों ने प्रांतीय सरकार से भी नींद से जागकर जरूरी कार्रवाई करने की बात कही है। पाठक ये जानकर सन्न हैं कि शिवसैनिकों की इतनी हिम्मत हो गई कि वो समाज का आईना कहलाने वाले मीडिया पर हमला करने से भी नहीं चूके।

Arjun chaudhary, Hapur

Ab to had ho gayi gundagardi ki bala sahab thaakre , uadhav thaakre, sanjay rauta me or aatankwadi ajmal kasab me kya fark reh gaya hai. Usne desh par waar kiya par tumne desh ke saath-saath desh waasio ki umeed ko zinda rakhne walo par bhi hamla kar diya.agar sharam ab bhi baaki hai to jaao or maafi maango apne bade bhaiyo se.

Manoj, Haridwar

Ibn7 par hue humle se pure desh k pattarkaro ko ek jot hokar shivsena ka bhahishkar kar dena chahiye or unki pc or programo ka bahishkar kar dena chahiye

Kiran, Haridwar

Ye Ibn7 ya lokmat par humla nahi ye humla desh ki 125 karor logo par humla hai.

Pramesh, Itarsi

Jo log (sanjay rawat) live tv par dhamki dene se nahi dar rahe hai aise log Bahrat kanun ko kuch nahi samajte ise logo ki saja kam nahi hona chahiye.

Shardul, Rajkot

अगर महाराष्ट्र सरकार में कुछ करने की ताकत नहीं है तो राजीनामें दीजिए ये लोकतंत्र पर हमला है। ये गुंडाराज नही चलेगा।

Prashant, Mexico

शिवसेना महाराष्ट्र या मराठी मानुष क अस्मिता नहीं अपने खत्म होते अस्तित्व के लिए ऐसा घृणित और शर्मनाक हरकत कर रही है। एक मराठी चैनल और मराठी मानुष पर हमला करके ये सिद्ध कर दिया की उनकी हरकतें मराठी मानुष के लिए नहीं बल्कि आतंकवादी संगठन शिवसेना के सरगना बाल ठाकरे के पहचान और उसके अस्तित्व को बचाने क लिए है। इनकी राजनातिक पार्टी होनें की मान्यता को तुरंत खत्म करना चाहिए।

Ajay Sharma, Nagpur

सब गलती बड़े आकाओं की है ना कि जो हमला करने आए थे। अगर सरकार इन आकाओ को रोक सके तो ही कुछ हो सकता है, नहीं तो ये सिलसिला रुकने वाला नही है। हम लोग और दूसरी पार्टिया केवल निंदा ही करती रहेंगी और कुछ नहीं होगा।

Prateek Srivastava, Delhi

इस तरह की शर्मनाक घटनाओ को बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस भी उतनी ही ज़िम्मेदार हैं जितनी की शिवसेना। हमारे मानवाधिकारों की खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और संविधान के रखवाले चुप बैठे हैं।

Mohan, Jodhpur

ये एक शर्मनाक घटना है। सभी मीडिया को मिलकर इस खबर पर विरोध करना चाहिए।

Ajay Sharma, Nagpur

शिवसेना ने महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि भारत का नाम भी कलंकित किया है। अब ऐसा लगने लगा है की ये सब महाराष्ट्र सरकार की मिली भगत से हो रहा है। पिछले एक महीने से ये सब चल रहा है। महाराष्ट्र सरकार को तो त्याग पत्र दे देना चाहिए और राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए।

Tariq Ansari, Dehradoon

ये हमला IBN7 पर नहीं बल्कि भारत के संविधान पर है, देश के तमाम उन पत्रकारों के लिए है जो राजनेताओं आइना दिखाते हैं, और ये शिव सेना की राजनीति नहीं बल्कि गुंडागर्दी है, ऐसी पार्टी को तो निष्काषित कर देना चाहिए

Neeraj Tiwari, Delhi

Shivsena ko sir per baithana hi sabse badi galti hai. Media ko uska puri tarah se bahishkaar kar dena chahiye. Shivsena ka failaya hua hi jahar hai jo ab raj thakrey ugal rhe hain. iske pahle bhi thakrey ke gurgon ne media per hamla kar ke n sirf apni gundagardi ka parichaya diya hai, balki saabit kiya hai ki loktantra uske liye ek hindi shabd ke alawa kuchh aur nhin. Behtar hoga ki samay rahte hi is ''saandh' ko nakel kas di jaaye. iske liye media ko aapsi ranjeesh aur pratispardha ki kasak ko peechhe chhodkar shivsena ke khilaaf bigul phunk den.................. tabhi is samajik kodh se mukti paayi ja sakti hai.....

Narendra, Saptari

चुनाव आयोग को ऐसी पार्टियों पर बैन लगा देना चाहिए।

तनवीर खान, मुंबई

मुंबई शर्मिंदा है, चुनाव आयोग को ऐसी पार्टियों पर बैन लगा देना चाहिए।

मो. शमीम, गोरखपुर

सारी गलती महाराष्ट्र सरकार की है। इन सब की ज़िम्मेदारी उन्हीं की है क्योंकि शिवसेना हो या मनसे, सरकार हमेशा इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती।

रेक्टर कठूरिया, लुधियाना

शिवसेना ने अपना असली रंग एक बार फिर दिखा दिया है। बाल ठाकरे और राज ठाकरे एक जैसे हैं। ये लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगातार इस तरह की फासीवादी कार्रवाइयों में सक्रिय हैं। ये कोई नई बात नहीं है क्योंकि उन्हें मालूम है कि वोटों के भिखारी दल उनकी चौखट पर ही माथा रगड़ने आएंगे और मतदाता गुंडों से लड़ नहीं सकते। मुझे मुबारकबाद देनी है उन पत्रकारों को जिन्होंने न केवल अपनी हिम्मत पर भरोसा करते हुए इनमें से कुछ गुंडों को पकड़ा बल्कि पुलिस के हवाले भी कर दिया।

कलिका सिंह, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र प्रशासन नपुंसक है। इनके बस का नहीं है ये गुंडागर्दी रोक पाना, हम भारतीयों को चाहिए कि इस महाराष्ट्र प्रशासन को कभी माफ न करे। बाल ठाकरे और राज ठाकरे महाराष्ट्र को तालिबान बनाना चाहते हैं। शायद ये बात मराठी समुदाय नहीं समझ पा रहा है।

सुधीर, पुणे

मीडिया को भी अपना कार्य ईमानदारी से करना चाईए, देश के सामने दूसरे मुद्दे की बजाए पिछले दो साप्ताह से हिन्दी और इंग्लिश न्यूज चैनल शिवसेना और मनसे को टारगेट कर रहे हैं।

राहुल, मुंबई

ये बहुत ही शर्मनाक बात है कि चंद गुंडे मीडिया ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ करते हैं। ये जनता के ऊपर हमला है।

उत्तम बेनर्जी, नई दिल्ली

शिवसेना हो या फिर मनसे दोनों ही पार्टियां अपनी असलियत को पचा नहीं पाती हैं। ऐसे में इनकी भड़ास इनकी करतूतों को दुनिया के सामने लाने वाली मीडिया और आम जनता पर निकलती है जो कि शर्मनाक है। ऐसे मे सरकार को चुप रहने की बजाए इनके खिलाफ तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए।

संगीता कनेरा, खांडवा

अति हो गई है। समाज को इस गुण्‍डागर्दी के खिलाफ कुछ करना ही होगा। मीडिया को भी इस मुद्दे पर साथ आना होगा।

एमके, लंदन

शिवसेना को आतंकवादी समूह घोषित कर उसे प्रतिबंधित कर देना चाहिए। बाल ठाकरे और राज ठाकरे को राजनीति से बैन कर देना चाहिए। समझ नहीं आ रहा है कि आखिर प्रदेश सरकार किस बात से डरकर इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती।

दीपक, जागराओं

यह लातों के भूत हैं जो बातों से मानने वाले नहीं, पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जो देश का नाम इन दो पार्टियों की वजह से नीचा हुआ और यह अपने आप को मराठी मानुष का हमदर्द बताते हैं। यह किसी की दोस्त नहीं सिवाय कुर्सी और सत्ता के। इन पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

विजय आत्रे, मुंबई

ये शर्मनाक हरकत है, शिवसेना का इस हद तक गिरना निंदनीय हैं। मीडिया समाज का आईना है हमें यह समझना होगा।

पोस्टे बी Kamlesh Kumar Maurya

महाराष्ट्र में जिस तरह से शिव सेना और मनसे के लोग सुर्ख़ियों में बने रहने के लिए लगातार किसी न

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पोस्टे बी sharad saxena

आख़िर वो कौन से मराठी हित है जिनके लिए देश के संविधान मे कोई प्रावधान नही है?? दरअसल %22मराठी हित%22

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पोस्टे बी msbohra

ये तो यही बात हुई की जब तक भारत पर आतंकवादी हमले होते रहे अमेरिका इसे नक्कर्ता या अनदेखा करता

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पोस्टे बी prakash

मीडिया को भी अपना कार्य ईमानदारी से करना चाईए, देश के सामने दूसरे मुद्दे की बजाए पिछले दो साप्ताह से

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पोस्टे बी prakash

ये एक शर्मनाक घटना है। सभी मीडिया को मिलकर इस खबर पर विरोध करना चाहिए।

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