काम कर गईं विजेंद्र की मां की बलाएं
Wed, Aug 20, 2008 at 17:14 , Updated at Thu, Aug 21, 2008 खेल सेक्शन
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बीजिंग। बीजिंग ओलंपिक की मुक्केबाजी स्पर्धा के 75 किलोग्राम मिडिलवेट वर्ग के क्वॉर्टर फाइनल में भारतीय मुक्केबाज विजेंद्र कुमार की शानदार जीत के साथ भारत के खाते में एक और पदक आना तय हो गया है।
विजेंदर ने बुधवार को इक्वाडोर के मुक्केबाज कार्लोस गोंगोरा को 9-4 से पराजित कर भारतीय खेल प्रेमियों को दिन की दूसरी खुशखबरी सुनाई। वे मुक्केबाजी स्पर्धा के सेमीफाइनल में स्थान बनाने वाले भारत के पहले मुक्केबाज बन गए हैं।
विजेंद्र अपने प्रतिद्वंदी पर शुरू से हावी नजर आए। उन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए जरूरत के वक्त ही हमलावर होने की रणनिति अपनाई। पहले राउंड से ही इक्वाडोर के बॉक्सर ने हमलावर नीति अपनाई लेकिन विजेंद्र ने बड़ी चालाकी से उसका जवाब दिया।
पहले राउंड में विजेंद्र 2-0 से आगे थे। दूसरे राउंड में वे 4-1 से आगे रहे। तीसरे राउंड तक आते आते उन्होंने कार्लोस से अंकों में काफी अंतर बना लिया। वे तीसरे राउंड में 7-2 से आगे रहे। चौथा राउंड भी विजेंद्र के पक्ष में रहा।
हालांकि हरियाणा के दो लालों अखिल और जीतेंद्र की चुनौती खत्म हो गई लेकिन विजेंद्र ने निराश नहीं किया। पूरे हरियाणा समेत देश भर की निगाहें उन पर टिकी थीं।
कहा जाता है कि हरियाणा के विजेंद्र जब अपने घूंसों की बरसात करनी शुरू करते हैं तो फिर रुकने का नाम नहीं लेते। विजेंद्र ने 75 किलोग्राम वर्ग में थाइलैंड के अंगखान चोंम्फूफुआंग पर दमदार घूंसो की बरसात कर क्वाटर फाइनल में जगह बनाई थी।
विजेन्द्र की कामयाबी पर उनकी मां बेहद खुश हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने जीत की बधाई देते हुए विजेन्द्र को 50 लाख रुपए और राज्य में डीएसपी बनाए जाने की घोषणा की।
विजेन्द्र के कोच विष्णु ने कहा कि हम जीत के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त थे। आज विजेन्द्र की मेहनत रंग लाई है। साथ ही उन्होंने कहा कि विजेन्द्र का मुख्य लक्ष्य गोल्ड मेडल है। और अब जीत के इरादे से विजेन्द्र मैदान में उतरेगा।
उधर क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंचने वाले एक और मुक्केबाज अखिल ने उम्मीद जताई की विजेंद्र गोल्ड मेडल जीतेगा।
इससे पहले बॉक्सिंग के 51 किलोवर्ग के क्वॉर्टरफाइनल में जितेंद्र रूस के जॉर्जी से हार कर बाहर हो गए। रूसी मुक्केबाज पूरी बाउट के दौरान जीतेंद्र को छकाता रहा। हालांकि जीतेंद्रे ने आक्रामक शुरुआत की थी लेकिन वह अपनी लयबद्घता बनाए नहीं रख सके और 11-15 से हार गए। हालांकि चौथे राउंड में जीतेंद्र कुछ आक्रामक दिखाई दिए लेकिन तब तक रूसी मुक्केबाज ने अंकों का एक बड़ा फासला खड़े कर चुके थे।
मैं जितेंद्र और अखिल भाई को शुभकामनाए देता हूँ. मैं ब भिवानी से बेलोंग करता हूँ. ये हम भिवानी वसिओं



























पोस्टे बी sandeep garg
विजेंद्रा वे र प्रोड ओफ़ उ. यो कीप थे ग्लोरय हिघेस्थ.संदीपगर्ग, महेंदरगर्ह
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