श्राइन बोर्ड बातचीत को तैयार, जम्मू में कर्फ्यू
Wed, Aug 20, 2008 at 09:04 , Updated at Wed, Aug 20, 2008 सिटी खबरें सेक्शन
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जम्मू। जम्मू कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू और उसके आसपास के इलाकों में अमरनाथ भूमि विवाद के सिलसिले में बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ कर्फ्यू का उल्लंघन कर पुलिस स्टेशनों तक मार्च निकालकर खुद को गिरफ्तार किए जाने की पेशकश की।
बच्चों और उनके अभिभावकों ने कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए हाथ में तिरंगा उठाकर 'बम बम भोले' के जयकारे के साथ थानों की ओर मार्च किया। हालांकि बुधवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या पिछले दोनों दिनों के मुकाबले कम थी।
गौरतलब है कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड से भूमि वापस लिए जाने के विरोध में किया जा रहा प्रदर्शन मंगलवार को एक बार फिर हिंसक हो उठा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की और जमकर नारे लगाए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की।
हिंसक झड़प में एक दर्जन पुलिसकर्मियों सहित 40 लोग घायल हो गए। इसे देखते हुए प्रशासन ने जम्मू में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
इस बीच श्रीअमरनाथ संघर्ष समिति मंगलवार की देर रात राज्यपाल एन. एन. वोहरा द्वारा गठित पैनल के साथ वार्ता को तैयार हो गई है। लेकिन समिति ने जम्मू बंद 25 अगस्त तक जारी रखने का फैसला किया है।
अमरनाथ भूमि विवाद जम्मू में शांत नहीं हुआ है और जेल भरो आंदोलन के दूसरे दिन मंगलवार को हजारों महिलाओं ने गिरफ्तारी दी।
कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन भी हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायर भी किए।
जम्मू के सभी हिस्सों में महिलाओं ने सैंकड़ों के जत्थों में गिरफ्तारियां दीं। पक्का डांगा और गांधी नगर पुलिस स्टेशनों में महिलाएं जबरन दाखिल हो गईं, जबकि वहां तैनात कर्मी उनके सामने बेबस दिखे।
तालियां बजाती और जयकारे लगाती इन महिलाओं ने कहा कि जब तक श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन लौटा नहीं दी जाती, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगी।
मालूम हो कि सोमवार को हजारों लोगों ने गिरफ्तारियां दी थीं। सरकारी अनुमान के मुताबिक 75 हजार लोगों ने गिरफ्तारियां दी, जबकि श्री अमरनाथ यात्रा संघर्ष संघर्ष समिति ने यह संख्या तीन लाख बताई है।
उधर श्रीनगर में पुलिस गोलीबारी के विरोध में पिछले आठ दिनों से जारी बंद खत्म होने के बाद मंगलवार को यहां जनजीवन सामान्य रहा। स्कूल, दुकानें और कार्यालय आम दिनों की तरह ही खुले।
सोमवार को हजारों लोगों द्वारा अलगावादी नारों के साथ सड़क पर प्रदर्शन के एक दिन बाद बच्चों और किशोरों को स्कूल-कालेज जाते देखा गया।
शैक्षणिक संस्थान पिछले 20 दिनों से गर्मियों की छुट्टियों की वजह से बंद थे। उन्हीं दिनों बंद और हिंसक घटनाएं भी हुईं। मंगलवार को घाटी में बाजार, सरकारी कार्यालय, बैंक और व्यापारिक प्रतिष्ठान भी खुले।
इस दौरान पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। जबकि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल या डीजल उपलब्ध ही नहीं था।
एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राज्यमार्ग के माध्यम से राज्य में जरूरी चीजों की आपूर्ति बहाल कर दी गई है और सोमवार को पेट्रोलियम पदार्थो समेत विभिन्न जरूरी सामानों से भरे 372 ट्रक श्रीनगर रवाना किए गए।
तुरंत धारा 370 को ख़त्म करो और एकीकृत सिविल कोड़े लागू करो.क़्क़ी एसीलिए सभी कश्मीरी आपमने आप को भारत के
अमरनाथ संघरश समिति तो बात करने के लिए तैयार हे दूसरा पक्ष भी इस बात के लिए झुकने के लिए
जम्मू ओर कश्मीर को तीन भागो मे विभाजित कर देना चाहिएः1. जम्मू 2. कश्मीर 3. लधा ख



























पोस्टे बी amrita
मनमोहा जी जागो जमुकाश्मीर की ट्रफ़ द्यान दो ंही तो सब कुश बर्बाद हो ज्येगा
रेप्ली टू थिस कमेंट