पूर्व बीजेपी सांसद पर हत्या का मामला

TimeWed, Aug 13, 2008 at 10:02 , Updated at Thu, Aug 14, 2008 देश सेक्शन

Tagsटैग: Jammu,Protest,Shrine | 0 कमेंट्स

Email Print

चक्का जाम में प्रदर्शनकारियों से मिन्नतों के बावजूद बुजुर्ग को अस्पताल नहीं जाने दिया गया।

चक्का जाम में प्रदर्शनकारियों से मिन्नतों के बावजूद बुजुर्ग को अस्पताल नहीं जाने दिया गया।

        

नई दिल्ली। चक्का जाम के जुनून ने बुधवार को दो लोगों की जान ले ली। अमरनाथ जमीन मुद्दे पर वीएचपी ने दो घंटे तक पूरे देश को बंधक बनाए रखा। इसी कोहराम के बीच दो बेगुनाहों को जान गंवानी पड़ी। अंबाला में एक बुजुर्ग और कानपुर में एक नौजवान इस जाम में फंसकर समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

वैसे अंबाला मौत के मामले में पूर्व सांसद रतनलाल कटारिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कटारिया बीजेपी से सांसद रहे हैं। उनके अलावा छ और लोगों पर भी गैर इरादतन हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

अस्पताल जाते वक्त ट्रैफिक जाम में फंसे बुजुर्ग को हार्ट अटैक हुआ था। लेकिन प्रदर्शनकारियों से मिन्नतों के बावजूद उन्हें अस्पताल नहीं जाने दिया गया। समय पर इलाज नहीं हो पाने की वजह से उनकी मौत हो गई।

दूसरी ओर कानपुर में भी संतोष नाम के एक युवक की चक्का जाम में फंसे रहने की वजह से मौत हो गई। संतोष को बिजली करंट लगने के बाद परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे। करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहने की वजह से संतोष की मौके पर मौत हो गई।

इससे पहले बुधवार को वीएचपी और बजरंग दल ने देश भर में चक्का जाम का ऐलान किया।

वीएचपी का देश भर में चक्का जाम के मद्देनजर लखनऊ में वीएचपी समर्थकों ने बाघ एक्सप्रेस ट्रेन को रोका। गुड़गांव में वीएचपी के लोगों ने एनएच-8 पर जाम लगाया।

दिल्ली के लक्ष्मीनगर इलाके में विकासमार्ग पर भी वीएचपी और बीजेपी समर्थकों ने जाम लगाया। उधर फरीदाबाद में भी मथुरा रोड पर जाम लगाया गया। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि मंगलवार को श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड भूमि विवाद को लेकर जम्मू क्षेत्र में कथित 'आर्थिक नाकेबंदी' के खिलाफ कश्मीर घाटी के श्रीनगर, लासजान, बांदीपोरा और नागाबल इलाकों में प्रदशर्नकारियों पर पुलिस ने फायरिंग की।

राज्य के दोनों क्षेत्रों जम्मू और कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में कर्फ्यू तोड़कर हिंसा पर उतारू प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई गोलीबारी में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

लासजान में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। यहां पूर्व मंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता जावेद मुस्तफा मीर पर भीड़ द्वारा किए गए हमले के बाद दहशत में उनके अंगरक्षक ने गोली चला दी। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया।

पुराने श्रीनगर के रैनावाड़ी में हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाई गई गोली में एक बच्चे की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। यहां भीड़ ने नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता सईद अखून के घर को जला दिया।

श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र करलपोरा में फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। यहां से करीब 52 किलोमीटर दूर बांदीपोरा में कर्फ्यू तोड़कर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सेना द्वारा की गई फायरिंग में तीन लोग मारे गए।

उत्तरी कश्मीर के गंडेरबाल जिले के नगाबाल क्षेत्र में अर्धसैनिक बलों के जवानों द्वारा की गई फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर में राज्य परिवहर निगम के परिसर में खड़े कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। उधर, हजारों प्रदर्शनकारियों ने हुर्रियत कांफ्रेस के उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक के निवास तक पहुंचे की कोशिश की।

फारूक को उनके घर में नजरबंद किया गया है। यहां प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़पें हुईं।

जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ शहर में भी प्रदर्शन को सांप्रदायिक रंग लेता देख पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।

कश्मीर घाटी में सोमवार को पुलिस फायरिंग में एक हुर्रियत नेता सहित पांच लोगों की मौत के बाद पूरे राज्य में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।

इससे पहले पिछले सप्ताह गृहमंत्री शिवराज पाटिल के नेतृत्व में राज्य के दौरे पर गया सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल किसी मान्य समाधान पर नहीं पहुंच सका था।

पांच अगस्त को हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने शांति बनाए रखने की अपील की थी और एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को राज्य के दौरे पर भेजने की बात कही थी।

दूसरी ओर इस अनियंत्रित होती हिंसा के मद्देनजर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को दूसरी बार सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक का उद्देश्य विवाद का ऐसा समाधान निकालना है जो जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों के लोगों को स्वीकार्य हो।

पिछले दो माह से राज्य के दोनों क्षेत्रों में श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड को पहले जमीन आवंटित करने और फिर वापस लिए जाने को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों में कई लोगों की मौत हो चुकी है।

ज़िंदगी लाइव

मुसीबतों, परेशानियों, हादसों और कुदरत के कहर में फंस कर...

सारे शो देखें »

क्या आपको लगता है कि भारत के दिए सबूतों पर पाक कोई कार्रवाई करेगा?

हां

नहीं

पता नहीं

हमारे बारे में | विज्ञापन | हमें बताइए | RSS

कॉपीराइट IBN7 खबर। सर्वाधिकार सुरक्षित