नेरपा पनडुब्बी को भारतीय दल भी परखेगा

परीक्षण में भारतीय पनडुब्बी चालकों का भी एक दल इसमें शामिल होगा।
मास्को। रूसी परमाणु पनडुब्बी नेरपा के मध्य सितम्बर में होने वाले समुद्री परीक्षण में भारतीय पनडुब्बी चालकों का भी एक दल इसमें शामिल होगा।
परमाणु हमले की क्षमता वाली पनडुब्बी नेरपा पिछले नवम्बर में एक परीक्षण के दौरान हुये एक दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसमें व्यापक सुधार के बाद 10 जुलाई को जापान के सागर में दोबारा इसका समुद्री परीक्षण शुरू किया गया। इसके सुधार में छह करोड डालर का संभावित खर्च हुआ है।
ज्ञातव्य है कि इस साल के अंत तक यह पनडुब्बी भारतीय नौ सेना को लीज पर मिलनी है जिसका नाम आईएनएस चक्र होगा।
सूत्रों ने आरआईए नोवोत्सी संवाद समिति को बताया कि भारतीय पनडुब्बी चालकों को रूसी विशेषज्ञों और कर्मचारियों के अंतर्गत प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता पड़ेगी। बाद में वे रूसी निर्देशकों की देख-रेख में इसे संचालित करेंगे।
12 हजार टन की अकूला द्वितीय श्रेणी की परमाणु हमलावर पनडुब्बी के-152 नेरपा को लीज पर लेने के लिए भारत ने रूस को 65 करोड़ डॉलर दिए।
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