जम्मू में सेना का फ्लैग मार्च, भारी तनाव
Sat, Aug 02, 2008 at 09:15 , Updated at Mon, Aug 04, 2008 देश सेक्शन
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जम्मू। अमरनाथ जमीन विवाद से शुरु हुआ जम्मू और सांबा में बवाल लगातार जारी है। आज सुबह सेना ने इलाके में फ्लैग मार्च किया।। सेना को आंदोलनकारियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है। कई इलाकों में भरी तनाव है, आज जम्मू में बवाल का 10 वां दिन है।
इससे पहले शुक्रवार को जम्मू में पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई। बेकाबू प्रदर्शनकारियों ने पंचतीर्थी इलाके के पुलिस चौकी को फूंक दिया। प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू को तोड़कर हंगामा भी किया।
प्रदर्शनकारियों ने जहां पुलिस पर पत्थर बरसाए वहीं पुलिस इन पत्थरों का जवाब आंसू गैस के गोलों से देती नजर आई।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शनकारी अमरनाथ श्राइन बोर्ड से वापस ली गई जमीन को दोबारा लेने की मांग पर अड़े हैं।
इस हंगामे की एक बड़ी वजह अमरनाथ संघर्ष समिति और राज्यपाल एन एन वोहरा के बीच बातचीत बेनतीजा रहना भी है। विरोध में नाराज लोगों ने पहले जम्मू में राजभवन के पास प्रदर्शन करना चाहा। इसके बाद सैंकडों लोगों ने एयरपोर्ट की तरफ बढ़े। लोगों के इस रुख को देखते हुए पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेस के नेता फारुख अब्दुल्ला को तकरीबन 4 घंटे तक एक ही जगह रुकना पड़ा। आखिरकार कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों नेताओं को ऑल पार्टी मीटिंग के लिए राज्यभवन पहुंचाया गया।
नेशनल कांफ्रेस के नेता फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि हमने इस मुद्दे पर 4 घंटे बैठक की है। सब यही चाहते हैं कि हिंसा किसी भी तरह रुके और मिले बैठ कर मामले को सुलझाया जाए।
राज्यपाल ने इस डेडलॉक को खत्म करने के लिए 8 प्वाइंट फार्मूला का प्रस्ताव दिया है। लेकिन समिति इन बातों को उसी शर्त पर मानने को तैयार है लेकिन अमरनाथ संघर्ष समिति का कहना है कि जबतक श्राइन बोर्ड को जमीन वापस नहीं मिलती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।




























पोस्टे बी radhir talwar
ई आम राधीर तलवार फ्रोम जम्मू .ई कोंडेंपेड थे गोवेरनेर ओर्डेर तो बन मेडिया पलेआसे कोंवाय त्रौघ नेवस व्हिच उंजुस्तिसे
रेप्ली टू थिस कमेंट