प्रो. सबरवाल हत्याकांड के आरोपी ABVP नेता बरी
Mon, Jul 13, 2009 at 16:00 , Updated at Mon, Jul 13, 2009 सिटी खबरें सेक्शन
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नागपुर। नागपुर सेशन कोर्ट ने उज्जैन के प्रोफेसर सबरवाल हत्याकांड के सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया है। आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नेता विमल तोमर और शशि रंजन अकेला समेत सभी आरोपियों को सबूतों की कमी के चलते बरी किया गया।
गौरतलब है कि 26 अगस्त 2006 को प्रो सबरवाल की हत्या हुई थी। प्रो. सबरवाल के बेटे हिमांशु सबरवाल का कहना है कि वो अब हाई कोर्ट में अपील करेंगे क्योंकि राज्य सरकार के वकीलों ने केस ठीक ढंग से नहीं लड़ा।
प्रोफेसर सबरवाल की हत्या 26 अगस्त 2006 को उज्जैन के माधव कॉलेज में हुई थी। उस दिन कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव था और कई उपद्रवी छात्र कॉलेज में हंगामा कर रहे थे। प्रोफेसर सबरवाल ने जब उन्हें टोकने की कोशिश की तो बदले में कुछ लोगों ने प्रोफेसर नाथ और प्रोफेसर सब्बरवाल की जमकर पिटाई की।
इतना ही नहीं गुस्साए छात्रों ने प्रोफेसर नाथ के मुंह पर कालिख पोतने की कोशिश भी की। मारपीट के दौरान प्रोफेसर सबरवाल को दिल का दौरा पड़ा, और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। इस घटना पर पूरे देश में जबर्दस्त बवाल हुआ आखिरकार आरोपी पकड़े गए लेकिन सोमवार को कोर्ट ने उन्हें आजाद कर दिया।
गौरतलब है कि यह मामला शुरू से ही सुर्खियों में रहा है। उज्जैन में हुई इस घटना का मुकदमा उज्जैन में चल रहा था लेकिन वहां एक के बाद एक सभी गवाह पलट गए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को नागपुर स्थानांतरित कर दिया। दरअसल मामले के सभी आरोपी भाजपा के विद्यार्थी संगठन एबीवीपी के थे।
राज्य की भाजपा सरकार पर आरोप लगे थे कि वो आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। यहां तक कि घटना के दूसरे ही दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना को हत्या नहीं महज हादसा करार दिया था जिसपर काफी बवाल मचा था। यही नहीं चौहान आरोपियों से मिलने जेल के अस्पताल भी गए थे।
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पोस्टे बी hemant singh
यह सरासर अन्याय है. न्याय के मंदिर मे अन्याय हुआ है. शिवराज सरकार एक गुंडे को बचाने के घृणित कार्य
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