हार के बाद जंबो ने ली सीनियरों की क्लास
कोलंबो। कोलंबो टेस्ट में मिली हार भारतीय क्रिकेट इतिहास की तीसरी सबसे शर्मनाक हार थी। श्रीलंका के खिलाफ यह अबतक की सबसे बड़ी हार भी थी।
1986 के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि विरोधी टीम के दो स्पिनरों ने चार दिन के खेल में 19 विकेट लेकर स्टार भारतीय बल्लेबाजी को नेस्तनाबूद कर दिया।
इतनी करारी हार जंबो को बर्दाश्त नहीं हुई। मैच खत्म होने के अगले ही दिन कप्तान कुंबले ने टीम मीटिंग में जमकर क्लास ली। खेल के हर डिपार्टमेंट में फ्लॉप रहे खिलाड़ियों पर कुंबले बरस पड़े।
आईबीएन 7 को मिली जानकारी के मुताबिक गाले रवाना होने से पहले कुंबले ने हार की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए टीम मीटिंग बुलाई।
मीटिंग में खिलाड़ियों के बेपरवाह रवैये को देखकर कुंबले गुस्से से लाल पीले हो उठे। बीच मीटिंग में खड़े होकर कुंबले ने खिलाड़ियों से बोला कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में तीसरी बड़ी हार के बाद हमें संजीदा होना चाहिए। मुझे आप लोगों से ये उम्मीद नहीं थी।
बिना किसी एक शख्स की ओर इशारा किए कुंबले ने सबको आड़े हाथों लिया। कुंबले ने सीनियर बल्लेबाज सचिन, द्रविड़, सौरव और लक्ष्मण का नाम लिए बगैर कहा कि टीम सीरीज़ के दूसरे मैच में बड़ा स्कोर बनाए इसकी जिम्मेदारी सीनियर बल्लेबाजों की है।
100 से ज्यादा टेस्ट खेल चुके सीनियर बल्लेबाज गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हो जाएं ये बर्दाश्त नहीं होगा। कुंबले को शांत करने का काम किया सचिन तेंदुलकर ने। उस समय मीटिंग में मौजूद सूत्र ने बताया कि सचिन ने पहले कुंबले से बात की फिर टीम के सारे खिलाड़ियों को बताया कि स्थिति नाजुक है पर हमने कई बार कमबैक किया है।
मुरली के टीम में होते टीम ने कई बार बड़े स्कोर बनाए हैं और मैच जीता है। बस जरूरत है अपने को लागू करने की। कोच कर्स्टन ने भी सबका हौसला बढ़ाया और टीम थोड़ी देर बाद गाले के लिए रवाना हो गई।



























