कोयले की खदानों में जान गंवाते मजदूर

TimeTue, Jun 16, 2009 at 17:58 , Updated at Tue, Jun 16, 2009 सिटिज़न जर्नलिस्ट सेक्शन

Tagsटैग: CJ,Vasanti,West,Bengal | 0 कमेंट्स

Email Print

वासन्ती लोगों का ध्यान आसनसोल में चल रही कोयले की अवैध खदानों की तरफ ले जाना चाहती हैं।

वासन्ती लोगों का ध्यान आसनसोल में चल रही कोयले की अवैध खदानों की तरफ ले जाना चाहती हैं।

Watch Video

आसनसोल, पश्चिम बंगाल। बीते हफ्ते हमने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया और दुनियाभर में बड़े ही नहीं बच्चे भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आए। लेकिन क्या प्रशासन और सरकार भी पर्यावरण को लेकर उतनी ही कोशिशमंद है जितने आप और हम। पश्चिम बंगाल के आसनसोल से वासन्ती आई ने हमें भेजी है एक रिपोर्ट जिसके जरिये वो हमे बता रहीं ही कि किस तरह बंगाल की अवैध कोयेला खदानें पर्यावरण और कोयला मजदूर दोनों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं।

सिटीजन जर्नलिस्ट वासन्ती लोगों का ध्यान आसनसोल में चल रही कोयले की अवैध खदानों की तरफ ले जाना चाहती हैं। इन खदानों में न केवल मजदूरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है बल्कि पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

यहां की कोयले की अवैध खदानों में भगवान भरोसे काम होता है। आसनसोल में इस तरह की खदानों में लगभग 50 हजार मजदूर काम करते हैं। अवैध खदानों में सुरक्षा का कोई इंतज़ाम नहीं होता इसलिये आए दिन दुर्घटनाएं होतीं हैं और मज़दूर मारे जाते हैं। बिना इंजीनियरों की मदद से बनी इन खदानों में मजदूरों को 60 से100 फीट तक नीचे उतर कर कोयला निकालना होता है। दीवारों के बीच सही सपोर्ट नहीं होता और ये कभी भी गिर जाती हैं। विभिन्न खदान दुर्घटनाओं में पिछले साल लगभग 300 लोग मारे गए। किसी भी तरह का हादसा होने पर खदान चलाने वाला घायल या मर गए मज़दूरों की किसी तरह की ज़िम्मेदारी नहीं लेता। हज़ारों मज़दूर आसंसोल के दूर दराज़ इलाकों से यहां आ कर काम करते हैं। इनके साथ इनका परिवार नहीं होता इसलिये इनकी मौत होने पर आनन-फ़ानन में उनकी लाश गायब कर दी जाती है। और वे लोग अपने परिवार के लिये गुमशुदा हो कर रह जाते हैं।

ये सारी कार्रवाई शासन प्रशासन के सामने चल रही है लेकिन नाजायज़ खदानों पर अंकुश रखने की कोशिश कोई नहीं कर रहा है। आरोप है कि खदान माफिया हर महीने बड़ी रकम रिश्वत के रूप में खर्च करते हैं। अवैध खदान चलाने वाले सरकार को किसी भी तरह का टैक्स या रॉयल्टी नहीं देते। अंधाधुंध कोयला खुदाई की वजह से यहां का जल स्तर गिर गया है और जमीन खराब हो रही है। गांव के गांव धंस रहे है। जहां कभी लहलहाती फसल थी वो जमीन अब बंजर हो गई है।

वासन्ती और उनकी साथी काफी वक्त से गैरकानूनी ढंग से चल रही खदानों को बंद करवाने के लिए मजदूरों को जागरूक कर रहे हैं। ये मजदूरों के बीच जा कर उन्हें समझाते हैं कि वो गैरकानूनी खान में उतर कर अपनी जिंदगी को खतरे में न डाले। सरकार को भी हम कई बार यहां सुधार के लिए लिख चुके हैं। लेकिन सरकार को इंसानी जानों की कोई परवाह नहीं है।

सिटीजन जर्नलिस्ट की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।

ज़िंदगी लाइव

मुसीबतों, परेशानियों, हादसों और कुदरत के कहर में फंस कर...

सारे शो देखें »

IBN7SuperIdols
Zindagi Live

क्या मुंबई में माई नेम इज खान रिलीज हो पाएगी?

हां

नहीं

पता नहीं

हमारे बारे में | विज्ञापन | शिकायत निपटारा | RSS

कॉपीराइट IBN7 खबर। सर्वाधिकार सुरक्षित