नोएडा पुलिस एनकाउंटर: चश्मदीद बोले- फर्जी
Mon, Jun 08, 2009 at 08:30 , Updated at Mon, Jun 08, 2009 सिटी खबरें सेक्शन
टैग: Noida,Encounter | 2 कमेंट्स
नोएडा। नोएडा पुलिस ने देर रात जिस एनकाउंटर को अंजाम दिया, उस पर सवाल खड़े हो गए हैं। चश्मदीदों ने जहां इसे फर्जी एनकाउंटर बताया, वहीं पुलिस के मुताबिक अतीक नाम का कुख्यात बदमाश भागने की कोशिश कर रहा था और उसे मार गिराया गया। पुलिस ने बताया कि उसका एक साथी काले रंग की पल्सर बाईक पर फरार हो गया। अतीक के ऊपर कई अपराधिक मामले थे और काफी समय से उसकी तलाश थी।
दरअसल, बदमाश के मारे जाने की पहली कहानी पुलिस की है। पल भर में ये इलाका एक छावनी में तब्दील हो गया। अचानक पुलिस ने इलाके को घेर कर पांच हज़ार के इनामी बदमाश को गोलियों से भून दिया। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस के मुताबिक अतीक नाम का वो बदमाश अपने साथी के साथ नोएडा के 110 सेक्टर आया था। अतीक पहले से ही एक किन्नर की हत्या की सज़ा काट रहा था और पे रोल पर बाहर आया था। रात को वो जब पुलिस को चकमा दे कर भागने की फिराक में था तो जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गयी।
पुलिस को अब अतीक के साथी की तलाश है। लेकिन मौका ए वारदात पर मौजूद चश्मदीद ने तो कुछ और ही देखा। चश्मदीदों की माने तो अतीक के साथ कोई था ही नहीं। ना ही मौके पर कोई मोटर साइकिल सवार आए और ना ही किसी ने भागने की कोशिश की।
यानी साफ है कि एक ही एनकाउंटर में दो तरह की घटना नहीं हो सकती। या तो पुलिस झूठ बोल रही है या फिर चश्मदीद। लेकिन सवाल ये है कि मौका ए वारदात पर मौजूद लोग झूठ क्यों बोलेंगे। वजह चाहे जो भी हो, लेकिन पूरे मामले में कुछ न कुछ पेंच जरूर है और पुलिस को इसकी तफ्तीश करनी चाहिए।
सिटी की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
एनकाउंटर असली हो या नकली था तो अपराधी और अपराधी का साथ देकर लोग अपराध के साथ दे रहे हैं




























पोस्टे बी amit
ये न्यूज़ चॅनेल वेल चाहते क्या है. ईनामी अपराधी को अगर इनकौंटेर कर भी दिया तो क्या है.मीडीया को समाज़
रेप्ली टू थिस कमेंट