खालिद हुसैन
प्रेविऔस् पोस्ट्स
सोमवार, जनवरी 09, 2009 11:51s
यह कैसा फैसला?
केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग कश्मीर में अपने-अपने तरीके पर अमल करते हैं और अपने-अपने फैसले करते हैं और कभी यह फैसले कश्मीर के हालत को और ख़राब बनाने के कारण बनते हैं। कश्मीर में केंद्र के खिलाफ गुस्सा और बढ़ा देते हैं। प्री-पेड सर्विस पर बैन भी एसा ही एक फैसला है जिसने एक ही दिन में बीस हज़ार लोगों के रोज़गार पर ताला लगा दिया। बीस हज़ार घरों का प्रभावित होना यानी एक लाख लोगों की ज़िन्दगी पर असर होना। इस फैसले के बारे में जब अभी अफवाहें ही फैल रही थीं तो केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने यह यकीन दिलाया कि राज्य की अवाम को ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जायेगा लेकिन अभी इस वादे के शब्द लोग के कानों मे गूंज ही रहे थे की प्री-पेड सिम पर बैन का फैसला लागू किया गया। यह फैसला क्यों लिया गया? कश्मीर की आम जनता...
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