ऋचा अनिरुद्ध
प्रीविअस पोस्ट
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बुधवार, अक्टूबर 15, 2008 14:10s
नया सफर नई उम्मीदें
'जिंदगी लाइव' का दूसरा सीज़न शुरू हो रहा है। पिछले एक साल में ये शो एक शो न रहकर हम सबकी ज़िंदगी का एक हिस्सा बन गया। अगर मैं ये कहूं कि 'ज़िंदगी लाइव' की वजह से हमने एक साल में जितना देखा, सुना, समझा और सीखा उतना अब तक की हम सबकी जिंदगी में नहीं हुआ था तो ये कतई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
मैंने अपने एपिसोड प्रोड्यूसर्स को अपने एपिसोड से जुड़े लोगों के लिए रोते हुए देखा है...उनके लिए दुआएं मांगते देखा है...उनके परिवारों का हिस्सा बनते हुए देखा है। हम इस शो पर सिर्फ काम नहीं करते, दिन-रात उसको जीते हैं, तभी ऐसे वाकये होते हैं जो खुद हमें भी चौंका देते हैं।
मेरी एपिसोड प्रोड्यूसर नीतू एक बार तोहफे में देने के लिए भगवान शंकर की मूर्ति खरीदने गई। दुकानदार जब मूर्ति को पैक करने लगे तो नीतू ने सिर्फ इतना कहा कि नहीं ये हमारे शो के हिसाब की पैकिंग नहीं तो वहां बैठी एक लड़की फौरन बोली, ``क्या आपका शो 'जिंदगी लाइव' है? मैंने देखा है आपका शो। लाइए ये तोहफा मैं पैक कर देती हूं। मुझे पता है आप लोग कितने दिल से लोगों को तोहफे देते हैं ``इस छोटी सी बात ने हम सबका दिल छू लिया।
ऐसी तमाम बातें हम अक्सर सुनते हैं, अच्छा भी लगता है। साल भर की मेहनत का यही तो ईनाम है जब हाल ही में मैं कार में पेट्रोल भरवाने गई तो पेट्रोल भरने वाले भाईसाहब ने कहा, "आप 'जिंदगी लाइव' में आती हैं न? मुझे आपका कार्यक्रम बहुत पसंद है"। मेरे साथ मेरी सहयोगी फरहीन भी थी। उसने कहा -ऋचा, हम सबके लिए ये एक अवॉर्ड से कम नहीं।
लेकिन ये बातें कभी-कभी अकेले में परेशान भी करती हैं। कई बार ख्याल आता है कि पहला सीज़न तो हो गया...लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा भी बन गया..बेस्ट न्यूज़ टॉक शो का अवॉर्ड भी मिल गया.....लेकिन उम्मीदें भी बढ़ गई हैं...अब आगे क्या होगा? क्या दूसरा सीज़न भी लोगों के दिल को छू पाएगा? क्या हम इस बार भी लोगों के दर्द को महसूस कर पाएंगे? मुझे याद है 9 सितंबर 2007, रविवार का दिन सुबह 10 बजे जब 'जिंदगी लाइव' का पहला एपिसोड चलना था, मेरी पूरी टीम ऑफिस में थी, सब घबराए हुए थे। आरती, जिसने एपिसोड प्रोड्यूस किया था, वो उसको देखते-देखते भी रो रही थी। मेरी धड़कनें बढ़ी हुई थीं।
आज एक साल बाद फिर वैसी ही हालत है। खुशी भी है, घबराहट भी और सच कहूं तो डर भी। इन सारे एहसासों के साथ हम दूसरा सीज़न आपको भेंट कर रहे हैं....
आपको हमारा एपीसोड कैसा लगा, क्या अच्छा था, क्या नहीं, क्या किया जा सकता है...हम आपकी राय का इंतजार करेंगे। अगर आप अपनी कहानी हमसे बांटना चाहें तो आपका स्वागत है। हम चाहते हैं हम आपसे जुड़ें, आपका हर दर्द बांटें। ऐसी हर कहानी हम दुनिया तक पहुंचाएं जिसे सुनकर ये लगे...यही तो है 'जिंदगी लाइव....'
पोस्टेड ऋचा अनिरुद्ध at 14:10s 41 कमेंट्स
टोटल कमेंट्स
पोस्टेड बी AARAMBH
पता नही जो हम लिखते हैं , उसे आप पड़ते भी हैं की नही.. पर एक बात कहना चाहता हूँ.. अभी कुछ देर पहले आपका नया शो देखा की कैसे ग़रीब बच्छ ने बड़ा काम किया. सच मे आएसी कहानी जो आपको जीने का हौसला देती है.. हम सब ने कुछ ना कुछ संगर्श किया है पर इनके संघर्ष को सलाम.. आपकी एंकर हमेशा क्यों एक पारी जैसी दिखती है.. ईश्वर ने जैसे खुद उन्हे भेजा हो. वो क्यों आएसी हैं ? आप यकीन मानिए की उनके बिना आपका ये शो अधूरा है.. में रिचा को सलाम क्रना चाहता हूँ.. आप खूब जिएं और दुनिया आपके कदमो पर हो.. ना जाने क्यों पर हमेशा आपके लिए दुआ करने का मान करता है.. ...
पोस्टेड बी Chanda Sethi
ये शो सही में ज़िंदगी के माइने बताता हैं.. इस शो के ज़रिए आपने लोगो के दिलो मे एक अलग ही जगह बनाई है. उम्मीद हैं आप और भी कई सच्ची कहानिया और भी ख़ूबसूरत तरीक़े से पेश करेंगे. धन्यवाद.रूचा जी आप सही में इस शो के लिए परफ़ेक्ट एंकर हो. ...
पोस्टेड बी neeraj sharma
हेलो रिचा जी मैने पेहली बार आपकिया सेरियल देखा जिसमें एक फ़मिलय का बेटा हमले में ख़तम हो गया था और आपका भावुक इँवोलवेंेंट उसकें इतना ट की आप भी उस फ़मिलय के साथ रो रही थी सेट पे ...में बहुत अप्परेसीयत करता हूँ आपकी ईमानदारी ओर समरपाṇ को ...गोद ब्लेस यू रिचा जी ...कीप गोईंग ... ...
पोस्टेड बी vinay
गेनेरालल्य ई डोंट सी प्रोग्राममेस व्हिच इंवलोवे एमोतिओंस, बुत ई लीके तीस प्रोग्राम बेकौसे ओफ़ तवो र्ेअसोंस, ओने इट इस नोट स्क्रिप्टेड सेकोंडलय होस्ट इस वेरय बालंसेद फ्रोम एवेरय अंगले.... ई मेन प्रोफ़ेस्सीओनाल्ल्य, एमोतिओनल्ल्य आंड लूक्वीसे (बेऔतिफुल) ...





























पोस्टेड बी Ravindra Kumar
ज़िंदगी लाइव एक ऐसा धारावाहिक है जो दिखाता है की हिम्मत है तो सबकुछ संभव है. ज़िंदगी मे एक पल निराशा है तो दूसरे पल आशा है. यही तो भगवान का अस्तित्वा साबित करता है. हिम्मत और विसवास का मिश्रण ही आशा की तेज़ किरण होती है. ज़िंदगी लाइव इस का एक जीवंत उढाहरण है. मुझे इस बात की उमीदद है की यह धारावाहिक देश के और भी निचले हिस्से मे जा कर इस तरह की खबरे ईकट्ता करेगी. हमेशा की तरह टूटे ओर निराश लोगो को आशा की नई किरण दिखलाएगी. ...
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